ministry of education, reopen school in punjab

स्कूल-कॉलेज खोलने के लिए SOP हुए जारी, देखिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन्स

कोरोना महामारी के बीच शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्कूल और कॉलेज खोलने को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि शिक्षा मंत्रालय स्कूल और कॉलेज खोलने के लिए SOP जारी कर दिए हैं। इसी के साथ उन्होंने 15 अक्टूबर से स्कूलों को खोलने से जुड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। तो आइए जानिए उन दिशानिर्देश के बारे में खास। 

बता दें कि जारी की गई इन गाइडलान्स के मुताबिक़ 15 अक्टूबर के बाद स्कूल और कोचिंग संस्थान क्रमबद्ध तरीक़े से खोले जा सकते हैं। हालांकि स्कूल और शिक्षण संस्थान खोलने का फ़ैसला राज्य और केंद्र शासित राज्यों के हाथ में होगा। मंत्रालय का कहना है कि राज्य चाहें तो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिज़र (SOP) का पालन अपने स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से भी कर सकती हैं।

30 सितंबर को जारी गृहमंत्रालय के आदेश के मुताबिक़, "राज्य और केंद्र शासित राज्य 15 अक्टूबर के बाद क्रमबद्ध तरीक़े से स्कूल खोलने को लेकर फ़ैसला ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के प्रबंधन से बातचीत करनी होगी। इससे लिए राज्य ख़ुद स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े स्टैंडर्ड प्रोसिज़र (SOP) तैयार करें जो शिक्षा मंत्रालय के एसओपी पर आधारित होनी चाहिए."

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा (SOP) स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करते हुए आम सावधानियां बरतने के लिए कहा गया है। जिसमें खास कर इन बातों का ध्यान रखना होगा-  

- फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

- आपस में छह फुट की दूरी रखनी होगी।

-  निरंतर अंतराल पर हाथ धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा।

- भोजन करते हुए और सीखते वक्त मुंह और नाक को ढंकना होगा।

- थूकना मना होगा।

- स्वास्थ्य की सेल्फ-मॉनिटरिंग जरूरी है और जैसे ही तबीयत में कुछ खराबी हो तुरंत रिपोर्ट करें।

- जहां संभव हो वहां आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की सलाह दी जाए।

स्कूलों को कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक की कक्षाओं के लिए यह इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है- 

- ऑनलाइन पढ़ाई की इजाजत बनी रहेगी और इसको बढ़ावा दिया जाएगा।

- कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 के छात्रों को उनके स्कूल जाने की इजाजत स्वैच्छिक आधार पर होगी। छात्र अपने अध्यापकों से सलाह लेने के लिए स्कूल जा सकते हैं लेकिन माता-पिता से लिखित सहमति अनिवार्य होगी। भीड़ न हो इसलिए अलग-अलग समय पर छात्रों को आने का समय दिया जा सकता है।


स्कूल खोलने से पहले खास तौर पर करनी होगीं यह व्यवस्थाएं-

- केवल कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों को ही खोलने की इजाजत होगी। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र, टीचर या अन्य स्टाफ को स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी। इन सभी को किसी भी कंटेनमेंट जोन में न जाने की सलाह दी जाती है।

- स्कूल खोलने से पहले जिन इलाकों में छात्रों और टीचरों का संवाद होना है उसको सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से सैनिटाइज किया जाए। ऐसी सभी जगहों पर खास ध्यान दिया जाए जहां पर निरंतर हाथ लगाए जाते हैं।

- जिन स्कूलों को क्वारेंटाइन सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था, उनको अच्छे से सैनिटाइज किया जाए।

- ऑनलाइन टीचिंग/टेली काउंसलिंग जैसे कामों के लिए 50 फीसदी टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल बुलाया जा सकता है। 

- नौ से 12 तक के छात्रों के पास विकल्प होगा कि वे क्लास वर्चुअल/रिमोटली क्लास अटेंड करें या शारिरिक रूप से अटेंड करें। यह स्वैच्छिक होगा और माता-पिता की लिखित सहमति जरूरी होगी। 

- स्कूल प्रशासन बायोमैट्रिक अटेंडेंस की जगह अन्य वैकल्पिक इंतजाम करें जिससे संपर्क रहित अटेंडेंस हो सके।

- छात्र और टीचर 6 फीट की दूरी हर समय सुनिश्चित करेंगे और सिटिंग प्लान इसी आधार पर बनेगा।