nirmala Sitharaman

'घर के गहने' बेचने के विपक्ष के आरोप पर वित्त मंत्री सीतारमण ने दिया करारा जवाब, कही ये बात

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में निजीकरण पर जोर दिए जाने को लेकर विपक्ष के ‘परिवार के गहने बेचने’ के आरोप को कमजोर करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले की सभी सरकारों ने विनिवेश किया है। उन्होंने कारोबारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने तो एक बार में एक कंपनी बेचने के बजाय इस बारे में स्पष्ट नीति तैयार की है, कि किन कंपनियों का विनिवेश किया जाना चाहिए और किन रणनीतिक क्षेत्रों को नहीं छुआ जाना चाहिए।
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2 बैंक और 1 सरकारी बीमा कंपनी बेचने का प्रस्ताव
बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक सरकारी बीमा कंपनी को बेचने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्ष लगातार इसकी आलोचना कर रहा है। विपक्ष ने इसे परिवार के गहने बेचना करार दिया है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘जो विपक्ष का आरोप है कि घर के गहने बेचे जा रहे हैं, ऐसा नहीं है। घर के जेवर को ठोस बनाया जाता है, इसे हमारी ताकत होनी चाहिए। चूंकि आपने इतने खराब तरीके से इन पर खर्च किया कि इनमें से कई चल पाने में सक्षम नहीं हैं। कुछ ऐसे हैं, जो बेहतर कर सकते हैं, लेकिन उनके ऊपर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।’’ उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इस नीति के माध्यम से ऐसे उपक्रमों को सक्षम बनाना है।

कोविड-19 सेस लगाने का कोई विचार नहीं
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘आपको उनकी आवश्यकता है, आपको उन्हें बड़े पैमाने पर ले जाने की आवश्यकता है ताकि वे बढ़ते भारत की आकांक्षाओं को पूरा करें।’’ सीतारमण ने कहा कि सरकार का कभी कोविड-19 कर या उपकर लगाने का विचार नहीं रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि मीडिया में कोविड-19 कर या उपकर लगाने की चर्चा कैसे शुरू हुई? हमारा कभी ऐसा विचार नहीं रहा।’’ 
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