व्रत या उपवास

कोई भी व्रत या उपवास रखते समय इन बातो का रखे विशेष ध्यान

किसी न किसी प्रकार का व्रत या उपवास प्राय: हर व्यक्ति रखता है और कुछ लोग इस दौरान फलाहार भी नहीं करते लेकिन हमारे शरीर की भी कुछ आवश्यकताएं होती हैं तथा उसे सुचारू रूप से काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो शरीर को भोजन से ही प्राप्त होती है। सही रूप से ऊर्जा न मिलने पर कुछ अनियमितताएं जैसे कमजोरी, चक्कर आना, जी मिचलाना, कब्ज, एसिडिटी, अनिद्रा जैसी शिकायतें होने लगती हैं जो उपवास के दौरान सामान्य बात मान ली जाती है। 

एक दिन के उपवास में सामान्यत: ये शिकायतें या तो होती नहीं है या फिर दूसरे दिन शरीर सामान्य भी हो जाता है परंतु नवरात्रि जैसे लंबे चलने वाले उपवासों के दौरान स्थिति गंभीर भी हो सकती है। कुछ बातें हैं जिन्हें अपनाकर आप श्रद्धापूर्वक अपना व्रत भी पूरा कर सकते हैं और इन परेशानियों से भी बच सकते हैं। 

आहार विहार:- यदि व्रत के दौरान फलाहार कर रहे हैं तो दिन में एक ही बार बैठकर ढेर सारे फल खाने की बजाय पांच-छह बार फल खाएं। इससे रक्त में शर्करा स्तर स्थिर रहेगा और शरीर को ऊर्जा मिलती रहेगी। सूखे फलों या मेवों आदि की अपेक्षा रसीले फलों का सेवन करें जैसे पपीता, संतरा, अंगूर, सेब आदि। अगर एक समय खाना खा रहे हों, तो ज़्यादा मिर्च-मसाले वाला, तला-भुना हुआ खाना न खाएं बल्कि सादा- सुपाच्य-सात्विक आहार ही लें। व्रत के दौरान चाय, कॉफी, शराब तथा नशीले पदार्थों से परहेज करें तो उत्तम रहेगा। 

व्यायाम करें:- थोड़ा सा हल्का व्यायाम आपका ऊर्जा स्तर ठीक बनाए रखने में बहुत ज्यादा मददगार साबित हो सकता है। इससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्तसंचार अच्छी तरह होता है जो आपको अतिरिक्त ऊर्जा भी देता है। व्यायाम के दौरान गहरी सांस लेने की आवश्यकता पड़ती है जिससे शरीर को अधिक ऑक्सीजन न मिलती है और ऊर्जा भी अपने आप ज्यादा मिलती है। 

गहरी सांस लें:- शरीर में यदि ऑक्सीजन ठीक प्रकार से नहीं पहुंचे तो शरीर का ऊर्जा स्तर आश्चर्यजनक रूप से कम हो जाता है, इसलिए व्रत के दौरान विशेषकर तीस सेकंड बैठकर गहरी-गहरी सांस लें। तीन गिनने तक नाक से सांस अंदर खीचें (कोशिश करें कि पेट तक सांस लें न कि केवल सीने तक) और छह गिनने तक धीरे-धीरे सांस छोड़ें। 

पानी अधिक पिएं:- पुरूष के शरीर का 60 प्रतिशत और महिलाओं के शरीर का 50 प्रतिशत वजन पानी के कारण होता है। पानी शरीर के तापमान और ऊर्जा स्तर को नियंत्रित रखता है। पानी की कमी से शरीर का 9-12 प्रतिशत वजन कम हो सकता है जिसके कारण कमजोर हो सकती है, इसलिए व्रत के दौरान ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, जिससे ऊर्जा स्तर सामान्य बना रहे। प्यास लगने से पहले पानी पिएं। कम से कम दिन भर में 10 -15 गिलास पानी पिएं। पानी में यदि आप नींबू का रस व शक्कर मिला कर पी सकें तो ज्यादा अच्छा है। यह घोल आपको ज़्यादा ऊर्जा प्रदान करेगा। इनका ध्यान रखकर न केवल आप बिना किसी शिकायत व अनियमितता के उपवास पूरे कर सकेंगे बल्कि तरोताजा व स्वस्थ भी बने रहेंगे।