China

विश्व अनवरत विकास को आगे बढ़ाती है हरित चीन की महत्वाकांक्षा

22 सितंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पेरिस समझौते के अधीनस्थ देश के योगदान को उन्नत करने का एलान किया और 2030 से पहले कार्बन निकासी की चोटी पर पहुंचने का वचन भी दिया। साथ ही कहा कि चीन 2060 से पहले कार्बन न्यूट्रल को साकार करने की कोशिश करेगा। चीन की यह महत्वाकांक्षा दुनिया के लिए खुशी की बात है। विश्व की दूसरी बड़ी आर्थिक इकाई ने कार्बन न्यूट्रल के लिए स्पष्ट समय तिथि बतायी, जो विश्व अनवरत विकास को आगे बढ़ाने का कुंजीभूत कदम है। जलवायु परिवर्तन का निपटारा करने में चीन के पास महत्वाकांक्षा है, साथ ही चीन की यथार्थ कार्रवाई भी है। चीन सरकार के आकलन के मुताबिक बीते पाँच साल चीन में पारिस्थितिकी की गुणवत्ता के सुधार करने और पारिस्थितिकी संरक्षण कार्य का अच्छा विकास करने के पाँच वर्ष हैं। 

2019 में चीन में कार्बन डाइआक्साइड की निकासी में 2005 की तुलना में करीब 48.1 प्रतिशत की कटौती आयी है। चीन क्रमशः कई वर्षों से विश्व में पुनरुत्पादनीय ऊर्जा का सबसे बड़ा निवेश देश बन चुका है। और तो और हरित अर्थतंत्र चीन की भूमि में जीवित शक्ति दिखाता है। हरित विकास को आगे बढ़ाना और मानव जाति और प्रकृति के सामंजस्य पूर्ण अस्तित्व को आगे बढ़ाने को आगामी पाँच सालों में चीन की योजना सुझाव में लिखा गया है। दिसम्बर माह में आयोजित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय आर्थिक कार्य सम्मेलन में कार्बन न्यूट्रल कार्य भी अगले साल चीन के 8 प्रमुख मिशनों में से एक माना गया है। 

खास तौर पर 12 दिसम्बर को संयुक्त राष्ट्र संघ के जलवायु महत्वाकांक्षा शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वैश्विक जलवायु प्रशासन पर 3 पहल प्रस्तुत कीं और 2030 तक कार्बन निकासी को कम करने के सिलसिलेवार नये कदम भी उठाये। पेरिस समझौते का सूत्रधार और अभ्यासी होने के नाते चीन खुद के हरित विकास को आगे बढ़ाने के साथ वैश्विक कम कार्बन स्वच्छ के बंदोबस्त को भी सक्रिय रूप से आगे विकसित कर रहा है। अब तक चीन ने विश्व के 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापक ऊर्जा व्यापार, निवेश, उत्पादन ऊर्जा, उपकरण, तकनीक और मापदंड आदि क्षेत्रों में सहयोग किया है। साथ ही चीन सक्रिय रूप से बहुऊर्जा के प्रशासन, यूएन की भागीदारी, जी20 ग्रुप, एपेक, ब्रिक्स देश आदि बहुपक्षीय तंत्र के अधीनस्थ ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भाग लेता है। 

पेरिस समझौते का कार्यान्वयन करने, विभिन्न देशों के बीच सहमतियों पर संपन्न करने और विश्व जलवायु परिवर्तन समस्या का समान हल करने में चीन ने अहम भूमिका अदा की है। चीन की 14वीं पंचवर्षीय योजना के मुताबिक आगामी पांच वर्षों में चीन के उत्पादन और जीवन तरीकों में परिवर्तन आएगा, प्रमुख प्रदूषण सामग्री की निकासी में निरंतर कटौती आएगी। 2035 तक चीन का पारिस्थितिकी वातावरण बेहतर होगा और सुन्दर चीन के निर्माण लक्ष्य को बुनियादी तौर पर साकार किया जा सकेगा। जलवायु परिवर्तन का निपटारा करने के लिए वैश्विक कार्रवाई की जरूरत है। चीन खुद ऐसा करता है, और आशा भी करता है कि और ज्यादा देश भी कदम उठाकर स्वच्छ और सुन्दर दुनिया का सहनिर्माण कर सकेंगे।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)



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