Chinese Embassy

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा चीन पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया चीनी दूतावास ने

27 अक्तूबर को भारत स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी कर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर द्वारा भारत-यात्रा के दौरान टू प्लस टू वार्तालाप में खुलेआम चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर हमला करने का खंडन किया।

बयान में कहा गया है कि माइक पोम्पियो आदि नेताओं ने झूठ दोहराकर चीन पर जो हमला किया, उसने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मापदंड और बुनियादी कूटनीतिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया और चीन तथा क्षेत्रीय देशों के संबंधों में फूट डाली । इससे उनके शीतयुद्ध विचार और विचारधारा का पक्षपात जाहिर हुआ है। चीन इसका डटकर विरोध करता है ।

अमेरिका का तथाकथित चीनी खतरा बढ़ाने का उद्देश्य अपना वैश्विक प्रभुत्व बनाए रखना और चीन के विकास के नियंत्रण के लिए बहाने ढूंढना है। बयान में कहा गया कि चीन में सीपीसी का नेतृत्वकारी स्थान इतिहास और जनता का चुनाव है ।अगर कोई व्यक्ति सीपीसी द्वारा चीनी जनता का समर्थन प्राप्त करने के तथ्यों की उपेक्षा करता है ,तो वह चीनी जनता के खिलाफ खड़ा होता है।

इसके साथ ही कहा गया कि अमेरिका द्वारा प्रस्तुत हिंद प्रशांत महासागर रणनीति अमेरिका का नेतृत्वकारी स्थान बनाए रखती है और विभिन्न समूहों के मुकाबले व भू-राजनीतिक संघर्ष को बढ़ाती है ।वर्तमान विश्व में मौजूद कठिनाइयों और चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न देशों की समान कोशिशों की जरूरत है ।शांतिपूर्ण विकास ,सहयोग और साझा जीत सही रास्ता है । 

इसके साथ ही बयान में यह भी कहा गया कि चीन भारत सीमा सवाल चीन और भारत के बीच का मसला है ।दोनों पक्ष कूटनीतिक और सैन्य माध्यम से सीमा क्षेत्र में तनाव कम करने को लेकर संपर्क बनाए रखे हुए हैं ।चीन और भारत में मतभेदों का समुचित समाधान निकालने की बुद्धिमता और क्षमता है ,जिसे तीसरे पक्ष की दखलंदाजी की जरूरत नहीं है । 

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)