China

चीन में गरीबी उन्मूलन की निर्णायक लड़ाई विश्व के लिए एक आदर्श मिसालः ब्रिटिश विद्वान

हाल ही में ब्रिटिश सामाजिक मुद्दे के विद्वान और चीन मुद्दे के विशेषज्ञ ने कहा कि साल 2020 में चीन में आयोजित एनपीसी और सीपीपीसीसी के वार्षिक पूर्णाधिवेशन ने विश्व को स्पष्ट सूचना दी, यानी कि चीन महामारी से आर्थिक विकास पर पड़े कु-प्रभाव को दूर करने के साथ-साथ गरीबी उन्मूलन की निर्णायक लड़ाई में विजय भी पाना चाहता है। चीन का इस लक्ष्य को पूरा करना, न केवल एक शानदार उपलब्धि है, बल्कि इससे सारी दुनिया के सामने एक अच्छा उदाहरणपेश किया जाएगा।

ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के चाइना सेंटर के प्रोफेसर राणा मित्तर ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के संवाददाता को दिए एक इन्टरव्यू में गरीबी उन्मूलन क्षेत्र में चीन द्वारा प्राप्त कामयाबियों का उच्च मूल्यांकन किया और कहा कि यह एक विश्व ध्यानाकर्षक उपलब्धि है। पिछले चालीस से अधिक सालों में चीनने अपनी जनता का नेतृत्व कर उसे गरीबी से मुक्त किया है, यह चीन की विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण भाग बन चुका है और साथ ही चीन की अहम उपलब्धि भी है।

वहीं, ब्रिटिश सामाजिक विज्ञान अकादमी के शोधकर्ता, सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री मार्टिनएल्ब्रो ने सीएमजी संवाददाता को दिए एक इन्टरव्यू में कहा कि चीन ने गरीबी उन्मूलन की निर्णायक लड़ाई में अंतिम विजय पाने का लक्ष्य निश्चित किया, यह बड़ी उपलब्धि है, जिसने सारी दुनिया के लिए आदर्श मिसाल पेश की है। यह पूरे विश्व के लिए कमाल की बात है।
“भूमंडलीकरण” वाली विचारधारा के संस्थापक होने के नाते मार्टिनएल्ब्रो हाल के वर्षों में चीन की शासन व्यवस्था के अनुसंधान में जुटे रहे हैं। उन्होंने ”मानव जाति के साझे भाग्य समुदाय में चीन का पात्र” नामक किताब लिखी। उन्होंने कहा कि चीन में निरपेक्ष गरीबी को दूर करने के बाद गरीबी उन्मूलन की प्रधानता अपेक्षाकृत गरीबी का समाधान होगा। अपेक्षाकृत गरीबी को दूर करना भविष्य में चीन में गरीबी उन्मूलन कार्य का महत्वपूर्ण मूल विषय होगा।

(साभार-चाइनामीडियाग्रुप, पेइचिंग)