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अहंकार मुनष्य के पतन का मुख्य कारण

उत्तर प्रदेश : कथा व्यास आचार्य मनीष ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा व्यक्ति को सुखद जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं। अंहकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। इसलिए मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने अजामिल की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि व्यक्ति को ईश्वर को कभी नहीं भूलना चाहिए। देह तो क्षणिक है। ईष्या-वैर को भूलकर प्रेमपूर्वक जीना चाहिए। संसार माया जाल है। इसमें जीव के आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है, लेकिन सार्थक जीवन जीने की लालसा बनी रहनी चाहिए। हिर नाम की बूंटी सभी को पीने का अवसर नहीं मिलता है। लोगों को ऐसे अवसरों की तलाश में रहना चाहिए। सत्संग, कथा का श्रवण करके जीवन को कृतार्थ बनाना चाहिए। उन्होंने गीता में छिपे रहस्यों पर भी प्रकाश डाला। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जन के माध्यम से गीता के उपदेश देकर आत्मा आजर और अमर होने का ज्ञान दिया, लेकिन व्यक्ति संसार के भौतिक सुखों की लालसा में ईष्ट की आराधना को भूल बैठा है। इस मौके पर जतनवीर सिंह, रविद्र राजौरा, प्रदीप सिंह, मनोज शर्मा, प्रदीप, भूपेंद्र सिंह, तेजवीर सिंह आदि मौजूद रहे। भोले के भजनों पर जमकर थिरके कांवडियां। 
महाशिव रात्रि पर्व के तहत कांवड़ियों द्वारा गंगा तट से जल लेकर अपने अपने स्थान पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। नगर के नेशनल हाइवे से होकर गुजरने वाले कावंड़ियों का जत्था नाचते गाते हुए अपनी मंजिल की ओर रवाना हुआ। जहां नगर के लोगों द्वारा बाबा के इन भक्तों का भव्य स्वागत किया गया।
आगामी 11 मार्च को महाशिव रात्रि पर्व है। इस पर्व के तहत नगर के निकटवर्ती गंगा तट कर्णवास, राजघाट, नरौरा एवं रामघाट से स्थानीय सहित दूरदराज के हजारों की तादात में श्रद्धालु गंगा का जल लेकर अपने अपने स्थानों का रवाना होते है जहां इन श्रद्धालुओं द्वारा महाशिव रात्रि पर इस गंगा के पावन जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जायेगा। सोमवार को मथुरा क्षेत्र के दर्जनों महिला पुरूष कांवड़ियों के जत्थे ने एक वाहन में लगे साउंड सिस्टम पर भगवान शिव के भजनों पर जमकर डांस किया। कांवडियों द्वारा भगवान शिव के गगनभेदी जयघोष लगाने से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया।



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