अधिक मास का व्रत

सही तरह से अधिक मास का व्रत रखने से मिलते है ये शुभ फल

पूजा के शुभ फल :

आर्थिक क्षेत्र में संतुलन आता है। 
धन आगमन के विभिन्न मार्ग प्राप्त होते है। 
नौकरी, व्यापार में लाभ होता है। 
गरीबी या पैसों से जुड़ी परेशनियां समाप्त हो जाती है।
दुःख एवं कष्टों का निवारण होता है। 

भगवान विष्णु इस संसार के कर्ता - धर्ता है। विष्णुसहस्रनाम पाठ बहुत ही अद्भुत एवं प्रभावशाली पाठ है। इससे समस्त परेशानियों का निवारण संभव होता है। 
इनके आशीर्वाद से गंभीर रोग दूर हो जातें है। विष्णुसहस्रनाम भगवान विष्णु के हजार नामों से युक्त एक प्रमुख स्त्रोत है जिसका पाठ करने से समस्त परेशानियां दूर हो जाती है। उनके हजार नामों में भक्तों के लाखों कष्टों का निवारण छुपा हुआ है। इस माह भगवान विष्णु के लिए किया जानें वाला जप, तप एवं दान जीवन भर के लिए पुण्य प्रदान करता है। 

अधिक मास में इस पाठ को करने से 10 गुना अधिक फल प्राप्त होता है। हिन्दू शास्त्र के अनुसार प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष के 15 वे दिवस को पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन चन्द्रमा का पूर्ण आकर देखने को मिलता है। परन्तु अधिकमास की पूर्णिमा थोड़ी अलग और ख़ास होती है। कहा जाता है की इस माह की पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण का पूजनकर विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करने से जीवन में किसी चीज की कमी नहीं होती है। इस पूजन से दाम्पत्य जीवन की परेशानियां भी दूर होती है।