Mauni Amavasya

Mauni Amavasya: आज के दिन 'मौन' रह कर इस तरह करें पितरों की पूजा, दूर होंगे सभी दोष

11 फरवरी यानी के आज मौनी अमावस्या मनाई जा रही है। आज के दिन का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है क्यूंकि इस दिन लोग पितृ पूजन करते हैं और आज के दिन स्नान, दान और पुण्य करना बहुत शुभ माना जाता है। आज के दिन पितरों के लिए सारे काम मौन रह कर किए जाते हैं। जो इस दिन सच्चे मन से दान या सही से पूजन करता है उस पर भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद मिलता है। 

यही नहीं बल्कि इस दिन पितरों को प्रसन्न कर आपके सभी पितृदोष भी शांत होते हैं। जीवन में आने वाली धन, जॉब, व्यापार और सेहत संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है। बता दें की मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त 10 फरवरी की रात 01 बजकर 10 मिनट से 11 फरवरी की रात 12 बजकर 27 मिनट तक है। आज के लोग बहुत से उपाय या पाठ-पूजा का करते हैं। 

आज ऐसे करें पितृ पूजन : इस दिन पितरों का ध्यान करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करें। पितृ दोष निवारण के लिए लोटे में जल लें और इसमें लाल फूल और सा काले तिल डालें। इसके बाद अपने पितरों की शांति की प्रार्थना करते हुए सूर्य देव को ये जल अर्पित करें। पीपल के पेड़ पर सफेद रंग की कोई मिठाई चढ़ाएं और उस पेड़ की 108 बार परिक्रमा करें. मौनी अमावस्या के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, कंबल और वस्त्र जैसी चीजें जरूर दान करें। 

घर की दक्षिण दिशा की ओर सफेद वस्त्र पर थोड़े से तिल रख लें। उसके ऊपर पीतल अथवा तांबे का एक पित्र यंत्र स्थापित करें। अब इसके बाईं ओर पितरों के लिए तिल के तेल का दीया जला लें। जल से भरा एक स्टील का लोटा केंद्र में रखें। इसके ऊपर स्टील की प्लेट तथा उस पर तिल लगी रोटी रखें। अब इसके ऊपर तुलसी का पत्ता रखें। एक सफेद फूल अर्पित करें तथा चंदन से तिलक करें। इस रोटी के चार भाग कर एक टुकड़ा कुत्ते को खिलाएं, दूसरा टुकड़ा गाय को खिलाएं, तीसरा टुकड़ा कोवै को खिलाएं तथा चौथा टुकड़ा पीपल के वृक्ष के नीचे रखें। हर काम करते समय मौन रहें। 



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