Schools are going to open

अनलॉक-4ः सितंबर 21 से फिर खुलने जा रहे हैं स्कूल, इन राज्यों में चल रही तैयारियां

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण देशभर में मार्च महीने से बंद स्कूल 21 सितंबर फिर से खूलने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने अनलॉक-4 में नौवीं से 12वीं तक के स्‍कूल खोलने की छूट दे दी है। अब देखना है कि स्कूल जब खुलेंगे तो क्या किसी प्रकार की दिक्कत होगी? आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दिया है जिसमें सोशल डिस्‍टेंसिंग और पर्सनल हायजीन के अलावा कई व्‍यवस्‍थागत नियम नजर आ रहे हैं। इन नियमों का पालन करना जरूरी है।  हरियाणा, झारखंड, आंध्र प्रदेश जैसे राज्‍यों ने स्‍कूल खोलने की घोषणा की है लेकिन केरल जैसे कई राज्‍य कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब भी संकोच में हैं कि ऐसा करना कहीं खतरनाक तो साबित नहीं होगा। उत्‍तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन पूरी तरह खत्‍म कर दिया है। प्रदेश में स्‍कूल खोलने की तैयारी तो है लेकिन सरकार ने अंतिम फैसला अभी तक नहीं किया है। 

वहीं झारखंड सरकार ने केंद्र की गाइडलाइंस का पालन करते हुए स्‍कूल खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने सभी स्‍कूलों को 30 सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है। हालांकि कक्षा 9 से 12 के छात्रों को स्‍कूल जाने की इजाजत सरकार की ओर से दी गई है। बिहार की बात करें तो यहां 30 सितंबर तक के लिए सभी स्‍कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। हालांकि पटना डीएम ने कंटेनमेंट जोन के बाहर कक्षा 9 से 12 तक के स्‍कूल खोलने की इजाजत दे दी है। इसके लिए प्रशासन की ओर से एसओपी भी जारी कर दिया गया है।  बिहार में अनलॉक -4 की गाइडलाइन के तहत अभी स्कूल-कॉलेजों को फिलहाल बंद रखने का ही फैसला लिया गया है। हालांकि, 21 सितंबर से ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षण संस्थान अपने 50 प्रतिशत शिक्षक और कर्मचारियों को बुला सकते हैं। आगे पढ़ें स्कूल जाने से पहले किन बातों का रखना होगा ध्यान

- गाइडलाइंस के अनुसार सिर्फ कंटेंनमेंट जोन के बाहर के स्कूल खोले जा सकेंगे और कंटेंनमेंट जोन के बाहर रहने वाले स्टाफ और स्टूडेंट को ही स्कूल में एंट्री दी जाएगी। यदि आपके बच्चे का स्कूल कंटेंनमेंट जोन में है या फिर आपका घर कंटेनमेंट जोन में है तो आपके बच्चे को स्कूल जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

- स्कूल आने वाले छात्रों के पास अभिवावक की लिखित अनुमति होना जरूरी है। छात्रों का स्कूल आना किसी भी तरह से अनिवार्य नहीं होगा, यह सिर्फ वॉलेंटियरी बेसिस पर निर्भर करेगा। स्कूल में छात्रों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना आवश्यक होगा। क्लास में भी सभी तरह के नियम लागू होंगे। यह सभी नियम अन्य शिक्षण संस्थानों जैसे पर भी लागू करना जरूरी है।

- कोरोना से जंग को लेकर पहले से जारी नियमों और गाइड लाइंस के साथ सरकार ने स्कूलों के लिए अलग से विस्तार से निर्देश जारी करने का काम किया है जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर आप देख सकते हैं। स्‍टूडेंट्स के बीच कम से कम 6 फीट की दूसरी होनी जरूरी है। इसके अलावा फेस कवर/मास्‍क अनिवार्य किया गया है। फिलहाल बायोमीट्रिक अटेंडेंस से दूर रहने को कहा गया है।

- स्कूल के अंदर भी थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को साबुन से धुलना या सैनिटाइज करना जरूरी है। स्कूल परिसर में इधर-उधर थूकने पर पाबंदी है। गेट पर हर छात्र और स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, गेट पर ही उनके हाथ भी सैनिटाइज कराने की व्यवस्था होगी। 

-बच्चे अपना कोई भी सामान जैसे, पेन, पेंसिल, नोटबुक या कोई अन्य सामान आपस में शेयर नहीं कर सकेंगे। साथ ही स्कूल के ग्राउंड में किसी भी तरह खेल या शारीरिक एक्टिविटी की इजाजत नहीं होगी। स्कूल आने वाले सभी लोगों के लिए आरोग्य सेतु एप रखना जरूरी है। साथ ही सभी स्कूलों को पल्स ऑक्सिमीटर का इंतजाम करना जरूरी है।