Tibetan

“तिब्बती सांस्कृतिक विरासत तथा धार्मिक विश्वास" पर चीनी और विदेशी विशेषज्ञों का वीडियो सेमिनार

15 जुलाई को चीनी तिब्बत विज्ञान अनुसंधान केंद्र, चीनी तिब्बत सांस्कृतिक संरक्षण और विकास संघ तथा चीनी मानवाधिकार अनुसंधान संघ ने संयुक्त रूप से “तिब्बती सांस्कृतिक विरासत तथा धार्मिक विश्वास" पर चीनी और विदेशी विशेषज्ञों का वीडियो सेमिनार आयोजित किया। चीन और दूसरे देशों के पचास से अधिक विद्वानों ने इस संगोष्ठी में भाग लिया। चीनी तिब्बत अध्ययन प्रकाशन गृह के संपादन दफतर के निदेशक नामग्याल त्सेरिंग ने कहा कि "सरकार गैर-भौतिक विरासत के विकास को बहुत महत्व देती है। 

अधिक से अधिक लोगों को तिब्बती संस्कृति पर अध्ययन करने की रुचि हुई है।" उधर चीनी तिब्बत विज्ञान अनुसंधान केंद्र के तिब्बती चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के नोर्बू थाशी ने कहा कि तिब्बत में चिकित्सा के तेज़ी से विकास ने तिब्बती चिकित्सा के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभाई है। संगोष्ठी में उपस्थित इटली, नेपाल और ऑस्ट्रिया के विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभवों के अनुसार तिब्बत में धार्मिक विश्वास और नीतियों के बारे में बयान दिया। उनके परिचय से दुनिया को तिब्बत की अधिक वास्तविक और व्यापक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक खिड़की खोली गयी है।
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )