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हमें हाथ मिलाकर एक सुन्दर और सामंजस्यपूर्ण पृथ्वी का सहनिर्माण करना चाहिए

1 अक्तूबर की रात को संयुक्त राष्ट्र संघ में पेइचिंग विश्व महिला सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ की स्मृति में एक वरिष्ठ बैठक बुलायी गयी। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बैठक में भाषण देकर कहा कि महामारी ने हम सब को अभूतपूर्व चुनौती दी है, साथ ही हमें गहन रूप से सोच विचार कर भविष्य की पुनः रचने का मौका भी दिया है। विश्व के विकास को और समानतापूर्ण, समावेशी और सतत विकास के रास्ते में प्रवेश करना चाहिए। इस वाक्य से चीनी सुझाव को समझने की एक चाबी माना जाता है।

30 सितंबर को और 1 अक्तूबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ की वरिष्ठ सिलसिलेवार बैठकों में भाग लेते समय भाषण दिये और जैव विविधता और महिला कार्य के विकास पर चीन का रुख प्रकाश डाला। जबकि इससे पहले की यूएन की तीन गतिविधियों में शी चिनफिंग ने समानतापूर्ण, समावेशी और सतत विकास पर चीन का रवैया प्रकट किया। 21 सितंबर की स्मृति शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने यूएन को चार सुझाव पेश किये जिन में समानता प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देश चाहे बड़ा हो या छोटा, एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। समानता युग की प्रगति की मांग है, साथ ही यूएन चार्टर का प्राथमिक सिद्धांत भी है। 

22 सितंबर की आम बहस में शी चिनफिंग ने खुलेपन और समावेशी के विचारधारण से खुलेपन दुनिया अर्थतंत्र का निर्माण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें विश्व व्यापार संगठन के आधार पर बहुपक्षीय व्यापारी प्रणाली की रक्षा करनी चाहिए और एकतरफावादी और संरक्षणवादी का दृढ़ विरोध करना चाहिए। 23 सितंबर को यूएन के महासचिव ऐंटोनीओ गुटरेस से मुलाकात करते समय शी चिनफिंग ने कहा कि विकास को अनवरत होना चाहिए, इसलिए हमें मानव जाति और प्रकृति के बीच संबंधों का अच्छी तरह निपटारा करना चाहिए। उपरोक्त पाँच भाषणों से महामारी के बाद चीन के सुझाव साफ दिखते हैं। हम सब एक ही पृथ्वी गांव में रहते हैं, सो हमें हाथ मिलाकर एक सुन्दर और सामंजस्यपूर्ण पृथ्वी का सहनिर्माण करना चाहिए।
(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)