Globalization

विश्व को किस तरह का वैश्वीकरण चाहिए

पिछले एक अरसे से विश्व में कोविड-19 महामारी का फैलाव कुछ लोगों के आर्थिक भूमंडलीकरण के विरोध का बहाना बन गया है।लेकिन तथ्य यही है कि महामारी पर नियंत्रण करना वैश्वीकरण पर निर्भर है ।कोविड-19 के टीके के विकास को वैश्विक वैज्ञानिकों के सहयोग की जरूरत है ।टीकों के वितरण को वैश्विक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की आवश्यकता है ।विश्व आर्थिक बहाली वैश्विक व्यवसाय चेन और सप्लाई चेन की बहाली पर निर्भर है ।भूमंडलीकरण अनिवार्य है ।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में बड़े बदलाव और कोविड-19 महामारी के बीच यह एक गर्म मुद्दा है कि विश्व को किस तरह का वैश्वीकरण चाहिए ।चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हाल ही में दावोस आर्थिक मंच में विशेष भाषण देकर भूमंडलीकरण के बारे में चीनी मत रखा, यानी विकसित देशों और विकासशील देशों की विकास खाई को पाटकर विभिन्न देशों के समान विकास और समृद्धि को बढ़ाया ।

अधिक खुले और समावेशी भूमंडलीकरण से दक्षिण और उत्तर की खाई कम होगी और अधिकतर विकासशील देश वैश्विक आर्थिक नेटवर्क में शामिल होंगे ।अधिक लोग कोविड-19 जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के सामने गरीबी के कारण रोजगार और चिकित्सा सेवा से वंचित नहीं होंगे । चीन आर्थिक वैश्वीकरण का दृढ़ समर्थक है और खुले व समावेशी भूमंडलीकरण की ओर बढ़ रहा है ।कोविड-19 महामारी के सामने चीन ने 150 से अधिक देशों और 13 अंतरराष्ट्रीय संगठनों को मदद दी है ।विकास के असंतुलन के प्रति चीन हमेशा खुलेपन पर कायम रहता है और वैश्विक व्यावसायिक चेन की सुगमता को सुनिश्चित करने की कोशिश करता है ।भविष्य में चीन अधिक ऊंचे स्तर वाले खुलेपन का अनुसरण करेगा । अवश्य ही अधिक खुले और समावेशी भूमंडलीकरण के निर्माण के लिए वैश्विक समानता ,सहयोग और प्रयासों की जरूरत है , न कि कुछ देशों की कोशिश की।
 (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)   



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