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विश्व को कैसा संयुक्त राष्ट्र चाहिए?चीनी नेता ने ऐसा जवाब दिया

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने“निष्पक्षता का पालन करना, कानून के आधार पर शासन करना, सहयोग को मजबूत करना, कार्रवाई पर ध्यान देना” चार सूत्रीय सुझाव पेश किए, और “विश्व को कैसा संयुक्त राष्ट्र चाहिए?महामारी के बाद संयुक्त राष्ट्र को भूमिका कैसे निभाएगा?” जैसे सवालों पर चीनी जवाब दिया, जो बहुपक्षवाद की रक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

वर्तमान दुनिया बड़े परिवर्तन से गुजर रही है। ख़ासकर संरक्षणवाद, एकतरफ़ावाद और दादागिरी की कार्रवाई उभर रही है। कुछेक देश और राजनीतिक शक्ति विश्व को विभाजन और टकराव के दौर में वापस ला रहे हैं। इस वजह से विश्व को एक और शक्तिशाली संयुक्त राष्ट्र की जरूरत है। 

“निष्पक्षता के पालन” के बारे में शी चिनफिंग ने बड़े या छोटे देशों की समानता, संयुक्त राष्ट्र में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व और बोलने के अधिकार को ठोस रूप से उन्नत करने पर जोर दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में न्याय और निष्पक्षता की रक्षा के लिए मददगार सिद्ध होगा और एकतरफावाद व दादागिरी को स्थान नहीं मिलेगा। “कानून के आधार पर शासन” के बारे में शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर, उद्देश्य और सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय संबंध का मूल है। यह नहीं होना चाहिए कि जिसके पास बड़ी मुट्ठी है, उसकी आवाज़ सुनी जाए। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के बिगाड़ने से बचने और अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता की रक्षा करने के लिए हितकारी होगा।

“सहयोग की मजबूती” के बारे में शी चिनफिंग ने संवाद से मुठभेड़ का स्थान लेने को बल दिया। क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय बड़े मामले पर विचार विमर्श करने तथा समान विकास को साकार करने के लिए लाभदायक होगा। सुरक्षा, विकास, और मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों में वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले में शी चिनफिंग ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य समेत गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों को संयुक्त राष्ट्र के कार्यों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकास मुद्दे को वैश्विक समग्र ढांचे में प्रधानता दी जाए, जीवन अधिकार और विकास अधिकार के संवर्धन पर ज्यादा महत्व दिया जाए। यह शी चिनफिंग द्वारा संयुक्त राष्ट्र के भावी विकास के लिए प्रस्तुत रचनात्मक प्रस्ताव है। 

“हम हमेशा से बहुपक्षवाद के अभ्यास करने वाले बनते रहेंगे।” यह शी चिनफिंग द्वारा विश्व के सामने दिया गया दृढ़ वायदा है। चीन विभिन्न देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की नई ऐतिहासिक प्रक्रिया में ज्यादा भूमिका निभाएगा, मानव जाति के साझे भाग्य वाले समुदाय की स्थापना को आगे बढ़ाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप- पेइचिंग)