vaccine save the world

क्या हमारा टीका दुनिया को बचाएगा?

हाल के दिनों में सबसे रोमांचक खबर यह है कि चीन और भारत, जो दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं, ने  अपने नागरिकों के बीच सामूहिक टीकाकरण शुरू कर दिया है। इसके अलावा, चीन और भारत ने भी अन्य देशों को अपने टीके का निर्यात करना शुरू कर दिया है। जो देश कभी विश्व सहायता ग्रहण करते थे, अब वेन केवल पूरी दुनिया के सामने अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं, बल्कि अपनी ताकत का इस्तेमाल कर वैश्विक महामारी से पीड़ित दुनिया को बचा रहे हैं। इससे अन्य देशों के लोग हमें सम्मान पूर्वक देखने लगे हैं। यह बिल्कुल खुशी जनक खबर है।

भारत में उत्पादित टीकों में एक है ऑक्सफोर्ड -एस्ट्राजे ने कावैक्सीन, और दूसरा है भारतीय कंपनी भारत बॉयोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन। तथ्यों से यह साबित है कि भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता दुनिया में शीर्ष पर है।भारत को टीके का विकास और उत्पादन करने की क्षमता आश्वस्त है। इसलिए, सामूहिक टीकाकरण का न केवल भारत में जल्दी से प्रसार किया जा सकता है, बल्कि दक्षिण एशिया के पड़ोसी देशों सहित अन्य देशों को भी टीके का निर्यात किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी से घोषणा की कि भारत अपनी वैक्सीन से दुनिया को बचाने में सक्षम होगा।कोविड-19 ने सारी दुनिया को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, विश्व अर्थव्यवस्था लगभग बैठ गई है और प्रमुख देश नकारात्मक विकास के भंवर में गिर गए हैं।महामारी के उत्पीड़न से ग्रस्त होने के अलावा लोगों को आर्थिक अवसाद की दुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमारा टीका अंधेरे में आशा का एकमात्र प्रकाश बन गया है।

इस स्थिति में चीन और भारत की कंपनियों द्वारा विकसित टीके से पूरी दुनिया को उत्साहित किया गया है।यह कहा जा सकता है कि टीके करण के सवाल पर चीन और भारत विश्व के अन्य प्रमुख देशों से आगे उभरते हैं।


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