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विश्व की निगाहें चीन के दो सत्र पर हैं : हिमाद्रिश सुवन

“हर बार की तरह इस बार भी विश्व की निगाहें चीन के दो सत्र पर हैं। दरअसल, इस वर्ष यह संसदीय दो सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि साल 2021 में देश की 14वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत होने के साथ-साथ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (सीपीसी) की 100वीं स्थापना वर्षगांठ भी है,” कंफेडरेशन ऑफ यंग लीडर्स के अध्यक्ष हिमाद्रिश सुवन ने चाइना मीडिया ग्रुप को दिये एक ख़ास साक्षात्कार में यह बात कही।

हिमाद्रिश सुवन ने कहा कि यह दो सत्र आज के वैश्वीकरण और महामारी के माहौल में न केवल चीन, बल्कि दुनिया के लिए भी अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन द्वारा प्रस्तुत योजना का वैश्विक मायने होता है। यह राजनीतिक सभा दुनिया की सबसे बड़ी जन आबादी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में हो रही है, तो यह स्वाभाविक है कि विश्व की निगाहें इस पर पुरी तरह होगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए 14वीं पंचवर्षीय योजना, और 2035 तक के दीर्घकालिक उद्देश्यों के लिए अपने प्रस्तावों को प्रकाशित किया है। यह प्रस्तावित योजना न केवल अगले 5 वर्षों के लिए देश के प्रमुख आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगी, बल्कि चीन के आधुनिकीकरण के लिए भी 15 साल के रोड मैप को भी रेखांकित करेगी।

हिमाद्रिश सुवन, जो भारतीय विश्वविद्यालय परिसंघ के वरिष्ठ सलाहकार भी है, ने सीएमजी को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि पिछले 2 सालों की सत्रों को देखें तो चीन ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और नवाचार पर काफी जोर दिया है। इस बार की सरकारी कार्य रिपोर्ट में 5 बिंदु पर खास बल दिया गया है जैसे जीडीपी को 6 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाना, 1.1 करोड़ से अधिक नौकरियां देना, उच्च स्तर का खुलापन करना, उच्च गुणवत्ता वाला विकास करना, अधिक अभिनव (आधुनिक और नवाचार) देश और हरित चीन का निर्माण करना।

इस साल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (सीपीसी) की 100वीं स्थापना वर्षगांठ है। इस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए हिमाद्रिश सुवन ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उसने गरीबी उन्मूलन में पूर्ण जीत हासिल की है। कई दशकों से इस पर काम किया जा रहा था और आज चीन गरीबी से मुक्त हो गया है। दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत गरीबी को चीन ने खत्म कर दी है। गरीबी उन्मूलन चीनी स्वप्न में शामिल था, जिसे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, और उम्मीद है कि आने वाले समय में भी कम्युनिस्ट पार्टी चीनी लोगों की भलाई के लिए इस तरह काम करती रहेगी।

हिमाद्रिश सुवन ने आगे कहा कि गरीबी उन्मूलन के माध्यम से चीन ने एक नई ऊर्जा का संचार किया है। 25 फरवरी, 2021 को पूर्ण गरीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई में चीनी ने पूर्ण जीत घोषित की और इसके बाद पूरी दुनिया को एक नई ऊर्जा की प्राप्ति हुई कि जब चीन कर सकता है तो हम भी कर सकते हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने 10 साल पहले संयुक्त राष्ट्र अनवरत विकास कार्यविधि में निर्धारित गरीबी उन्मूलन लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो काफी सराहनीय और प्रशंसनीय कदम है। मैं मानता हूं कि गरीबी उन्मूलन विश्व के लिए एक सबसे बड़ी चुनौती है।

उन्होंने आगे कहा कि चीन के पास प्रौद्योगिकी है, रूपरेखा है, और कार्य करने की क्षमता है। चीन पूरे विश्व को बता सकता है कि जो देश आज इस चुनौती का सामना कर रहे हैं, वो किस तरीके से एक सामान्य रोड मैप तैयार कर सकते हैं, और इस त्रासदी से जल्द से जल्द कैसे बाहर निकल सकते हैं।

चीन भी जरूरतमंद सभी देशों को अपनी कोरोना वैक्सीन पहुंचा रहा है, और चीनी राष्ट्रपति शी ने बहुत पहले ही चीनी-निर्मित वैक्सीन को सार्वजनिक उत्पाद घोषित कर दिया था। कोरोना महामारी को खत्म करने में चीन की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए हिमाद्रिश सुवन ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति द्वारा उनके निर्देशानुसार में अविकसित देशों को वैक्सीन पहुंचाई जा रही है, यह काफी सराहनीय कदम है। जरूरतमंद देशों को वैक्सीन पहुंचाना सराहनीय है। भारत भी पूरजोर तरीके से वैक्सीन को दुनिया के हरेक कोनों में पहुंचा रहा है।
(लेखकअखिल पाराशर साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





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