Xi Chinfing

शी चिनफिंग और उनका परिवार

1 अक्तूबर को चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 71वीं वर्षगांठ है। इस साल 1 अक्तूबर को चीनी पंचांग के अनुसार 15 अगस्त है, जो चीनी राष्ट्र का परम्परागत त्योहार मध्य शरत उत्सव है। यह दिन करोड़ों चीनियों का मिलने का दिवस है। परिवार के सब लोग एक साथ मून केक खाते हैं, चाँद देखने का आनंद लेते हैं और फसल की खुशियां मनाते हैं। इस सुअवसर पर चीन के सर्वोच्च नेता शी चिनफिंग और उनके परिवार की कहानी बताएंगे।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की किताबों की अलमारी में कई फोटो रखे हैं। इनमें शी चिनफिंग के अपने माता-पिता, बीवी और बेटी के साथ रहने वाले दृश्य में नज़र आ रहे हैं। एक फोटो ऐसी है कि शी चिनफिंग अपनी माता जी के हाथ को लेते हुए घूम रहे हैं, जिसे देखकर बहुत से लोग प्रभावित हुए।
शी चिनफिंग ने कहा था कि माता-पिता होने के नाते अच्छी नैतिक अवधारणा बच्चों को बतानी चाहिए, ताकि बच्चे बड़े होने के बाद देश और जनता के लिए लाभदायक व्यक्ति बन सकें।
शी चिनफिंग की माता जी हमेशा अपनी कार्यवाहियों में आदर्श नमूना पेश करती हैं और बच्चों को सिखाती हैं। जो भी कठिनाई है, वे खुद दूर करती हैं। “मां के हाथ में धागा,बेटे के शरीर पर वस्त्र। घर से निकलने से पहले बनाती हैं, बेटे के देर से घर लौटने पर चिंतित होती हैं। कौन कहता है कि बेटे के घास जैसे छोटे मन में, मां के प्यार को चुका सकूंगा।”साल 2015 के वसंतोत्सव की पूर्वसंध्या में आयोजित एक सत्कार समारोह में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भाव विभोर होकर थांग राजवंश में कवि मंग च्याओ की“घर से बाहर जाने वाले पुत्र का गीत”शीर्षक कविता सुनाई।
माता-पिता दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार देते हैं, और पुत्र-पुत्री को आज्ञाकारी होना चाहिए। शी चिनफिंग परिवार पर ध्यान देते हैं। नेता होने के नाते शी चिनफिंग को काम करने के कारण छुट्टियों में अकसर घर वापस जाने का मौका नहीं मिलता, लेकिन माता जी हमेशा उनका समर्थन करती हैं।

नागरिकों के लिए काम करने के उद्देश्य से शी चिनफिंग ने हजारों परिवारों के सुखमय जीवन बिताने को अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने कहा कि मैं नागरिकों के लिए सेवा करता हूं और अपनी आवश्यक जिम्मेदारी निभाता हूं। मैं अपने माता-पिता को प्यार करने की तरह नागरिकों को प्यार करता हूं।
शी चिनफिंग की हरेक प्रगति पर माता जी को गर्व है और वह उपदेश देती हैं। वे दृढ़ता और प्रेम से परिजनों का ख्याल करती हैं। माता-पिता के प्रयास के अनुभव से शी चिनफिंग पर बड़ा प्रभाव पड़ा।
कई वर्षों से चाहे काम और पद पर कोई भी परिवर्तन क्यों न आया हो, शी चिनफिंग हमेशा माता जी की बातों को गांठ बांध कर रखते हैं और अपने प्रारंभिक उद्देश्य पर कायम रहते हैं।
शी चिनफिंग के पिता शी चोंगश्वन पहले क्वांगतोंग प्रांत के नेता थे और वहां सुधार व खुलेपन कार्य में लगे रहते थे। उन्होंने कहा था कि जो जनता के हितों में काम हैं, हमें करना चाहिए। शी चिनफिंग को पिता जी की यह बात याद है। उन्होंने  राष्ट्रपति बनने के बाद कहा कि सुन्दर जीवन के प्रति जनता की प्रतीक्षा सरकार के संघर्ष का लक्ष्य ही है। पिछले कई सालों में शी चिनफिंग ने देश के सभी गरीब क्षेत्रों का दौरा किया और गरीबी उन्मूलन कार्य में जोर दिया। 2013 के बाद चीन में हर साल एक करोड़ लोग गरीबी से छुटकारा पा रहे हैं। गरीबी उन्मूलन क्षेत्र में विश्व में चीन का योगदान 70 प्रतिशत से अधिक है। 
शी चिनफिंग के ऑफिस में माता-पिता और परिजनों के साथ खींची हुई कई फोटो हैं, जिनमें से एक फोटो अपनी पत्नी खींचा गया है। शी चिनफिंग की पत्नी एक मशहूर गायिका थीं। शी चिनफिंग ने एक साक्षात्कार में कहा था कि चाहे वे कहीं पर भी हों, वे रोज अपनी पत्नी को जरूर फोन करते हैं। हालांकि वे दोनों अकसर साथ में नहीं रहते हैं, फिर भी उन के बीच गहरा प्यार होता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में शी चिनफिंग और उनकी पत्नी हाथ मिलाकर एक दूसरे का समर्थन करते हैं और चीनी राष्ट्र के प्यार भरे पारिवारिक गुण प्रतिबिंबित है।
चीन में एक कहावत है परिवार सबसे छोटा देश है, जबकि देश करोड़ों परिवारों का समूह है। जब हरेक परिवार सुखमय जीवन बिताता है, तब देश में खुशहाल समाज का निर्माण पूरा हो पाता है। 
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)