Basant Panchami

बसंत पंचमी पर आप भी जानिए इससे जुडी ये पौराणिक कथा

जैसे के हम सब जानते ही है के कल बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। यह त्यौहार शिक्षा और संगीत से जुड़ा हुआ है। इस दिन मां सरस्वती जी की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते है के पसंत पंचमी के दिन अपनी राशि के अनुसार कुछ मंत्रो का जप करना बहुत ही लाभदायक माना जाता है। तो आइए जानते है कौन से है वो मंत्र। 

आइए जानते हैं मां सरस्वती के अवतरण की कथा
सृष्टि की रचना का कार्य भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को दिया। सृष्टि निर्माण के बाद उदासी से भरा वातावरण देख वे विष्णु जी के पास गए और सुझाव मांगा।
फिर विष्णु जी के मार्गदर्शन अनुसार उन्होंने अपने कमंडल से जल लेकर धरती पर छिड़का। तब एक चतुर्भुज सुंदरी हुई, जिसने जीवों को वाणी प्रदान की।

यह देवी विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी थीं, उनके आने से सारा वातावरण संगीतमय और सरस हो उठा इसलिए उन्हें सरस्वती देवी कहा गया।

इसलिए इस दिन सरस्वती देवी का जन्म बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है और इनकी पूजा भी की जाती है। इस दिन लोग अपने घरों में सरस्वती यंत्र स्थापित करते हैं। इस दिन 108 बार सरस्वती मंत्र के जाप करने से अनेक फायदे होते हैं। इस दिन बच्चों की जुबान पर केसर रख कर नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण कराया जाता है...इससे वाणी, बुद्धि और विवेक का शुभ आशीष मिलता है।

मंत्र-‘ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः’

वसंत ऋतु के बारे में ऋग्वेद में भी उल्लेख मिलता है। प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु। इसका अर्थ है सरस्वती परम् चेतना हैं। वे हमारी बुद्धि, समृद्धि तथा मनोभावों की सुरक्षा करती हैं... भगवान श्री कृष्ण ने गीता में वसंत को अपनी विभूति माना है और कहा है 'ऋतुनां कुसुमाकरः'



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