Radha birth

नहीं जानते होंगे राधा के जन्म से जुड़ी ये पौराणिक कथा

राधा को भला कौन नहीं जानता। राधा और श्री कृष्ण जे के प्रेम के किस्सा सभी को मालूम है। सब ये भी जानते है के कृष्ण जी के लिया राधा का प्रेम बिलकुल सच्चा था। भला हे राधा और कृष्ण जी का विवहा न हो पाया हो लेकिन इनके प्रेम को सबसे पहले स्थान पर रखा जाता है। इसीलिए भगवन श्री कृष्ण जी को राधारमण भी कहा जाता है। लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे के राधा का जन्म माँ कीर्ति के गर्व से नहीं हुआ था। आइए जानते है राधा के जन्म की कहानी। 

जिस प्रकार भगवान कृष्ण अजन्मे हैं वैसे ही राधा भी अजन्मी हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, राधा रानी का जन्म उनकी माता के गर्भ से नहीं हुआ। वहीं, पद्मपुराण के अनुसार भी जब राजा वृषभानु यज्ञ के लिए भूमि साफ कर रहे थे, तब भूमि कन्या के रूप में इन्हें राधाजी मिली थी।

Krishna Ashtottara Shatanamavali - 108 Names Of Lord Krishna In ...

एक अन्य कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में जन्म लेते समय अपने परिवार के अन्य सदस्यों से भी पृथ्वी पर अवतार लेने के लिए कहा था। तब विष्णु जी की पत्नी लक्ष्मी जी , राधा के रूप में पृथ्वी पर आई थीं। राधाजी, श्रीकृष्ण की सखी थीं लेकिन उनका विवाह रापाण या रायाण नाम के व्यक्ति के साथ हुआ था।

शायद ही किसी को पता हो कि माता राधा भगवान श्री कृष्ण से उम्र में काफी बड़ी थी। कहा जाता है राधा भगवान श्रीकृष्ण से 3 साल और 11 महीना बड़ी थी। मगर, फिर भी उन दोनों के बीच अत्यधिक प्रेम था।


Beautiful photos of radha-krishna ji - होम पेज | Facebook

कई वर्षों के बाद राधा जब बूढ़ी और कमजोर हो गईं तो अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा कर राधा द्वारका की ओर कृष्ण से मिलने के लिए रवाना हो गईं थी। शास्त्रों में बताया जाता है कि द्वापर युग के अंतिम सूर्य ग्रहण पर कुरुक्षेत्र में पूरे 100 साल बाद राधा-कृष्ण और गोपियों का एक बार फिर मिलन हुआ था। इसके बाद सभी गोपियां गोलोक में चली गई थी।

बताया जाता है कि "ना नौ मन तेल होगा ना राधा नाचेगी" जब भगवान श्रीकृष्ण रासमंडल में रास किया करते थे तब 400 लीटर तेल के दीए जला करते थे, ताकि वहां रोशनी हो। मतलब महज श्रीकृष्ण के रासमंडल में उजाला करने के लिए 400 लीटर तेल के दीए जलाए जाते थे।

कंस के बुलावे पर जब श्रीकृष्ण मथुरा की ओर रवाना हो गए तो फिर कभी वापस नहीं आ सके। कंस वध के बाद श्रीकृष्ण का विवाह बाद में रुकमणी से हुआ और उन्होंने द्वारका नगरी बसा ली। कहते हैं कि राधा जी की भी शादी एक युवक से हुई और उन्होंने दांपत्य जीवन की सारी रस्में भी निभाई। हालांकि, इसके बावजूद उनके मन में श्रीकृष्ण बसे हुए थे। 

Best Radha krishna Images in HD Wallpapers | - Thebhakti

कहा जाता है कि एक बार भगवान श्रीकृष्ण राधा के सामने प्रकट हुए और उनकी इच्छा पूछी। तब राधा जी कुछ नहीं बोली और न में अपना सिर हिलाया। मगर, श्रीकृष्ण ने एक बार फिर राधा से कुछ मांगने को कहा। तब श्रीकृष्ण के बहुत जोर देने पर राधा ने उनसे एक बार फिर उनकी दिव्य बांसुरी सुनने की इच्छा प्रकट की। मान्यताओं के अनुसार तब श्रीकृष्ण ने बांसुरी की सबसे मधुर धुन बजाकर राधा को सुनाई तो उसे सुनते-सुनते राधा श्रीकृष्ण में विलीन हो गईं। इसके अलावा राधा की मृत्यु से जुड़ा कोई और जिक्र कही भी नहीं मिलता। बरसाने गांव में आज यह बगीचा मौजूद है। जहां पर राधा कृष्ण के नाम का एक बगीचा है। यहां पर दो पेड़ मौजूद है। जिसमें से एक पेड़ श्वेत रंग का है। जबकि दूसरा पेड़ श्याम रंग का है।

Aaj Waqt Nahi Hai Jiske Paas Mere Liye,... - CUTE sa Rishta Radha ...