fatehgarh sahib

सरकारी बीमा कार्ड लेकर अस्पताल में बैठी रही बुजुर्ग, बेटे की जिंदगी के लिए लगाती रही फरियाद

फतेहगढ़ साहिबः  सरकारों की तरफ से लोगों को सेहत सुविधाएं देने के लिए बीमा कार्ड बनाये गए है, मगर उन बीमा कार्ड का जरूरतमंद लोगों को कोई फायदा भी होता है या फिर यह बीमा कार्ड सिर्फ कागज़ी है।यह देखने को मिला, जिला फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में जहां एक बूढ़ी और लाचार मां अपने बेटे के इलाज़ लिए पहुँची हुई थी। मगर डॉक्टरों ने उसे दवाईयां देकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। उसने बीमा कार्ड भी दिखाया मगर डॉक्टरों से उसे अनदेखा कर दिया। वह सुबह से शाम तक अस्पताल के बाहर अपने बेटे को लेकर बैठी रही पर उसे देखने कोई भी नही आया,उधर सिविल अस्पताल  के एसएमओ साहिब का कहना था कि उनके पास तो अभी तक कोई भी नहीं आया,मुझे तो आपसे ही पता चल रहा है कि कोई मरीज़ बाहर भी पड़ा है। 

बजुर्ग महिला ने अपनी आँख के आंसू को रोकते हुए बताया कि उसका नाम शीला देवी है हमारा कोई नही हम दोनों माँ बेटा ही है घर में,मैं अपने बीमार बेटे का इलाज़ के लिए सिविल अस्पताल में आई थी, मगर डॉक्टरों ने दवा देकर बाहर भेज दिया और कुछ बताया भी नहीं, मैंने बीमा कार्ड भी दिखाया पर उन्होंने कहा कि यह नहीं चलेगा।

वही सिविल अस्पताल में आये कुछ लोगों का कहना था कि वह सुबह से इस बजुर्ग महिला को यहां बैठे देख रहे है पर कोई भी इसे यहां देखने के लिए नही आया। सरकार ने बीमा कार्ड बनाए है मगर उन कार्डो का फायदा क्या जो लोगों को उसका सरकारी अस्पताल में ही लाभ नहीं मिल रहा। अगर इस बजुर्ग माँ के बेटे के कोई दिक्कत है तो उसका टेस्ट होना चाहिए और उसमें बाद उसका इलाज़ होना चाहिए।