Madhubala Birthday Special

Birth Anniversary: जानिए कैसे एक अभिनेता की गवाही मधुबाला के लिए बन गई थी मौत का कारण

अपने जमाने की खूबसूरत अदाकारा मधुबाला के नाम से तो आप बखूबी वाकिफ होंगे। मधुबाला का नाम फिल्म इंडस्ट्री की तमाम अभिनेत्रियों में शुमार है। बता दें कि आज मधुबाला की बर्थ एनिवर्सरी है तो आइए आज इस खास दिन के साथ आपको बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े एक गहरे राज के बारे में खास। जिसे जानने के बाद आप भी रह जाएंगे हैरान ...

जन्म और फिल्मी करियर ...

14 फरवरी 1933 को दिल्ली में जन्मीं मधुबाला को लोग मुमताज जहां देहलवी के नाम से जानते थे। लेकिन फिल्मों में आने के बाद वो मुमताज से मधुबाला में बदल गईं। मधुबाला ने महज 6 साल की उम्र से ही बॉलीवुड में अपना कदम रखा था। और इसी दुनियां में कदम रखकर उन्होनें अकेले ही पूरे घर का बोझ अपने कंधे पर ले लिया था। हिंदी सिनेमा में कदम रखने के बाद उन्होंने मुगल-ए-आजम, चलती का नाम गाड़ी, मिस्टर एंड मिसेज 55 जैसी कई हिट फिल्म देकऱ लाखों-करोड़ों दिलों पर भी राज करके अपनी खास पहचान बनाई। 

लेकिन उनकी जिंदगी के बाहर जितने रंग थे, उतनी ही अंदर से वो बेरंग थीं उऩ्होनें हर किसी के होठों पर हंसी दी, लेकिन उनकी जिंदगी में दुख के अलावा कुछ नही था। इस दुख का बड़ा कारण बने थे दिलीप कुमार। और उऩकी एक गलती ने मधुबाला की जिंदगी ऐसे बदली जिसका किसी को अंदाजा भी न था।

मधुबाला और दिलीप कुमार की लव स्टोरी ...

मधुबाला और दिलीप कुमार की लव स्टोरी की शुरुआत साल 1951 में आई फिल्म 'तराना' के सेट से हुई थी। मधुबाला और दिलीप कुमार पहली ही नजर में एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। और अपने प्यार का इंजहार वो दोनों एक-दूसरे को गुलाब का फूल और एक पर्ची के द्वारा किया करते थे। लेकिन यह प्यार ज्यादा समय तक नही चल सका।

जिस समय इन दोनों का प्यार परवान चढ़ ही रहा था कि, मधुबाला के पिता अताउल्ला खान को इन दोनों की प्रेम कहानी की भनक लग गई, और उन्होंने इसका विरोध किया। दरअसल, मधुबाला के पिता दोनों के रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। दोनों के रिश्ते में दरार तब आई जब मधुबाला और दिलीप कुमार बीआर चोपड़ा की फिल्म 'नया दौर' की शुटिंग साथ कर रहे थे। इस फिल्म की शूटिंग 40 दिनों तक बाहर जाकर होनी थी, लेकिन उनके पिता इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हुए।

इस तरह आई दोनों के रिश्तों में दरार ...

दरअसल, मधुबाला के पिता ने उऩ्हें आउटडोर शुटिंग पर जाने से मना कर दिया जिसके चलते बीआर चोपड़ा ने उनकी जगह वैजयंती माला को साइन कर लिया। मधुबाला की जगह वैजयंती माला को साइन किए जाने का यह मामला इतना बिगड़ा कि यह कोर्ट तक पहुंच गया। और इसके साथ ही दोनों की प्रेम कहानी भी अदालत पहुंच गई। और जब गवाही का वक्त आया तो उस दौरान दिलीप कुमार फिल्म के डायरेक्टर के साथ खड़े दिखाई दिए। इतना ही नही उन्होनें मधुबाला के खिलाफ कोर्ट में गवाही दे दी। दिलीप कुमार के इस बयान से न सिर्फ मधुबाला का दिल टूट गया, बल्कि वो बहुत आहत भी हुईं।

आखिरी वक्त ...

वहीं दिलीप कुमार की इस गवाही के बाद दोनों की प्रेम कहानी का अंत हो गया और मधुबाला बीमार रहने लगी। हालांकि दोनों पहले से चल रही फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में साथ शूटिंग जरूर करते रहे थे, लेकिन साथ रहते हुए भी दोनों के बीच काफी दूरियां थी। धीरे-धीरे मधुबाला की स्वास्थ्य इतना बिगड़ा कि, 23 फरवरी 1969 को उन्होंने महज 36 साल की उम्र में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। लेकिन आज भले ही वो इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका नाम दर्शकों के बीच हमेशा जिंदा रहेगा।