अमृतसर: छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा दिए गए मीरी-पीरी के सिद्धांत, श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और सिख परंपराओं के प्रति समर्पण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया मीरी-पीरी खालसा मार्च तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो में बड़े धार्मिक समागम के साथ संपन्न हुआ।
मार्च के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर खालसा मार्च का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान सिख समुदाय की एकजुटता और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था देखने को मिली।
सिख कौम अपनी परंपराओं के लिए हमेशा एकजुट रहेगी: ज्ञानी कुलदीप सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा दिया गया मीरी-पीरी का सिद्धांत अटल है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सिख समुदाय ने हर कठिन समय में श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों, हमलों और साजिशों के बावजूद सिखों का अपने तख्तों, गुरुघरों और पंथक परंपराओं से रिश्ता कभी कमजोर नहीं हुआ।
पंथक एकता को कमजोर करने की कोशिशों से सतर्क रहने की अपील
ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि कुछ ताकतें सिख संस्थाओं की मर्यादा, श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और पंथक एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि कभी संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है, तो कभी पंथक फैसलों को विवादित बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने संगत से ऐसी गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
SGPC प्रधान ने संगत और संगठनों का जताया आभार
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने खालसा मार्च में सहयोग करने वाली सभी धार्मिक संगठनों और संगतों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 दिनों के दौरान माझा और मालवा क्षेत्र के कई गांवों और शहरों में बड़ी संख्या में लोगों ने मार्च में शामिल होकर यह संदेश दिया कि पंजाब की संगत आज भी गुरु साहिब के सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई से जुड़ी हुई है।
इस अवसर पर वरिष्ठ अकाली नेता बलविंदर सिंह भुंदड़, तजिंदर सिंह मिद्दूखेड़ा, शिरोमणि कमेटी के जूनियर उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कल्याण, अंतरिम सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर, सदस्य नवतेज सिंह काउनी, अवतार सिंह वनवाला, भाई अजायब सिंह अभिषेक, बाबा बूटा सिंह, अमरीक सिंह कोट शमीर, बीबी जोगिंदर कौर, जगसीर सिंह मांगेआना, जत्थेदार सुरजीत सिंह रायपुर, बाबा गुरमीत सिंह रायपुर, सिंह त्रिलोकेवाला, अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह गुरु, जगसीर सिंह कल्याण, गुरचरण सिंह, बलकार सिंह गोनियाना, गुरिंदरजीत सिंह भुच्चों, इकबाल सिंह बबली ढिल्लों, बाबा मेजर सिंह सोढ़ी, धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल, अतिरिक्त सचिव बिजय सिंह, उप सचिव गुरुमीत सिंह मुक्तसारी, प्रभारी गुरप्रीत सिंह रोडे, अवतार सिंह, भोला सिंह, जत्थेदार के निजी सहायक इस अवसर पर साहिब ज्ञानी बलदेव सिंह, श्री दरबार साहिब के अतिरिक्त प्रबंधक स. युवराज सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के प्रबंधक स. नरिंदरजीत सिंह भवानीगढ़, संदीप सिंह कलोटा, बाबा सतनाम सिंह खापरखेड़ी, बाबा हरजिंदर सिंह मुक्तसर साहिब, बाबा परगट सिंह मजीठा रोड, बाबा कश्मीर सिंह, बाबा कुलविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, पर्यवेक्षक जसबीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
तख्त श्री दमदमा साहिब पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
खालसा मार्च के समापन मौके पर निहंग सिंह संगतों ने हाथी और घोड़ों सहित शामिल होकर धार्मिक उत्साह का माहौल बनाया। कार्यक्रम में कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं।
मार्च के समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और मीरी-पीरी के सिद्धांत, धार्मिक एकता और सिख परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

