Last Updated: October 20, 2026

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किसान मजदूर मोर्चा का बड़ा ऐलान, 14 सितंबर से पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर शुरू होगा धरना

September 2, 2026

किसान मजदूर मोर्चा का बड़ा ऐलान, 14 सितंबर से पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर शुरू होगा धरना

चंडीगढ़: किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब की एक अहम बैठक आज चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता जसविंदर सिंह लोंगोवाल और बलदेव सिंह जीरा ने की। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मोर्चे की ओर से पंजाब सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए आने वाले समय में किए जाने वाले संघर्षों का ऐलान किया गया।

बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि पंजाब भर में किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य वर्गों द्वारा अपने अधिकारों के लिए चलाए जा रहे सभी संघर्षों का किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब द्वारा पूर्ण समर्थन किया जाता है। पंजाब सरकार से मांग की गई कि संघर्ष कर रहे पक्षों के साथ तुरंत बैठक करके उनकी मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाए।

बैठक में निम्नलिखित मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का फैसला किया गया:

1. फसलों की एमएसपी पर खरीद

पंजाब सरकार बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू की फसल की खरीद अपने स्तर पर एमएसपी से कम कीमत पर न होने को सुनिश्चित करे और इन फसलों की एमएसपी पर सरकारी खरीद की जाए।

2. किसानों-मजदूरों की कर्जमुक्ति

किसानों और मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए। आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

3. बाढ़, भूजल और प्रदूषण का संकट

पंजाब में बाढ़, लगातार गिरते भूजल स्तर तथा बढ़ते वायु और जल प्रदूषण के संकट को हल करने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए। नदी के पानी का बंटवारा राइपेरियन सिद्धांत के अनुसार किया जाए।

4. केंद्रीय कानूनों का विरोध

बीज अधिनियम-2025, सहकारिता कानून-2026, मनरेगा को तोड़कर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए जी. राम. जी. कानून तथा बिजली संशोधन विधेयक-2025 को पंजाब विधानसभा में रद्द करने के लिए प्रस्ताव पारित किए जाएं। पंजाब में प्रीपेड बिजली मीटर लगाना तुरंत बंद किया जाए।

5. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रस्ताव

पंजाब सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित करे।

6. शंभू और खनौरी मोर्चों का सामान वापस किया जाए

शंभू और खनौरी मोर्चों से किसानों की ट्रॉलियों सहित जो भी सामान लूटा या जब्त किया गया है, वह सारा सामान तुरंत वापस किया जाए।

7. आबादकारों को मालिकाना हक

हर प्रकार के आबादकार किसानों और मजदूरों को उनके द्वारा जोती-बोई जा रही जमीनों के मालिकाना हक दिए जाएं।

8. आंदोलनों के दौरान दर्ज मामले रद्द किए जाएं

किसानों-मजदूरों के आंदोलनों के दौरान पुलिस और रेलवे द्वारा दर्ज किए गए सभी मामले तथा पराली जलाने से संबंधित दर्ज मामले रद्द किए जाएं। आंदोलनों के दौरान शहीद हुए किसानों-मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।

9. लैंड पूलिंग और भारतमाला परियोजना

लैंड पूलिंग नीति तुरंत वापस ली जाए और भारतमाला परियोजना के लिए किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जा करना बंद किया जाए।

10. नशे पर नियंत्रण और रोजगार

पंजाब में नशे पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जाए और युवाओं के लिए स्थायी तथा उचित रोजगार के प्रबंध किए जाएं।

11. ड्रोन के जरिए गांवों की मैपिंग बंद की जाए

पंजाब में अलग-अलग जोन बनाने के नाम पर निजी संस्थाओं द्वारा गांवों की ड्रोन के माध्यम से, गांववासियों की सहमति के बिना, की जा रही मैपिंग तुरंत बंद की जाए।

12. पाकिस्तान के साथ व्यापारिक गलियारा खोला जाए

पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक गलियारा खोला जाए, ताकि पंजाब के किसानों, व्यापारियों और उद्योग को नए बाजार मिल सकें।

धान की फसल के लिए बिजली और खाद के संकट का तुरंत समाधान करने की मांग

बैठक में एक अन्य प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया कि धान की फसल पकने के समय पानी की सख्त जरूरत होती है, लेकिन पंजाब में बिजली की आपूर्ति लगातार प्रभावित होने के कारण किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ रहा है। सरकार इस समस्या का तुरंत समाधान करे और खेती के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे।

इसी तरह पंजाब में डीएपी और यूरिया खाद का संकट गंभीर होता जा रहा है। मोर्चे ने पंजाब सरकार से मांग की कि केंद्र सरकार से बातचीत करके खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को खाद की कमी के कारण परेशान न होना पड़े।

14 सितंबर से मंत्रियों के घरों के सामने मोर्चे

किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब की ओर से ऐलान किया गया कि उपरोक्त मांगों को लेकर 14 सितंबर 2026 से पंजाब सरकार के संबंधित मंत्रियों और नेताओं के घरों के सामने मोर्चे लगाए जाएंगे।

माझा
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल सिंह कटारूचक — पठानकोट
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ — न्यू अमृतसर

दोआबा
फ्रीडम फाइटर वेलफेयर मंत्री महेंद्र भगत — जालंधर

मालवा
आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा — सुनाम, संगरूर
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां — फरीदकोट

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां — मुक्तसर
किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि यह संघर्ष उपरोक्त मांगों का समाधान होने तक जारी रहेगा। पंजाब सरकार को किसानों-मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

बैठक में उपस्थित नेता

बैठक में सरवण सिंह पंधेर, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, उंकार सिंह पुराना भंगाला, मनजीत सिंह राय, बलदेव सिंह जीरा, कुलवंत सिंह, चमकौर सिंह उसमान वाला, मलकीत सिंह गुलामी वाला, बलकार सिंह बैंस, कुलविंदर सिंह सोनी, गुरविंदर सिंह लहर, बाबा गुरदेव सिंह दसूहा और रणजीत सिंह धनौआ उपस्थित रहे।

📍 Location: Amritsar (Amritsar)

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