28 Teams Showcase Football Talent : शिमला। समरहिल में आयोजित सैवी मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट में 28 टीमों ने हिस्सा लेकर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बेहतर खेल सुविधाएं और निरंतर प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों, आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा कहा कि हिमाचल प्रदेश में फुटबॉल सहित विभिन्न खेलों के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान अत्यंत उत्साहजनक है। इस प्रतियोगिता में कुल 28 टीमों ने भाग लिया, जो युवाओं के बीच फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। ओपन कैटेगरी के सेमीफाइनल में शिमला, एपीजी यूनिवर्सिटी, समरहिल यूनाइटेड फुटबॉल क्लब और एबसोलोन की टीमों ने स्थान बनाया। नंदा ने सभी टीमों के खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन मैदान में उतरकर पूरी मेहनत, अनुशासन और खेल भावना से प्रदर्शन करना ही खिलाड़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
कर्ण नंदा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल नशे के विरुद्ध लड़ाई का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी माध्यम है। आज समाज के सामने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर चुनौती है। ऐसे समय में खेल के मैदान युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने तथा उनमें आत्मविश्वास पैदा करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस युवा के हाथ में फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट का बल्ला या कोई अन्य खेल उपकरण होगा, उसके जीवन में अनुशासन, लक्ष्य और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की पाठशाला है। खेल हमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने और हार के बाद दोबारा खड़े होने की प्रेरणा देते हैं। एक अच्छा खिलाड़ी केवल अपने लिए नहीं खेलता, बल्कि अपनी टीम, अपने क्षेत्र और अपने प्रदेश का सम्मान बढ़ाने के लिए खेलता है। नंदा ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि फुटबॉल की लोकप्रियता अब हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों तक सीमित नहीं रही है। इस टूर्नामेंट में हिमाचल के अतिरिक्त दिल्ली और पंजाब सहित अन्य क्षेत्रों से भी टीमों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को व्यापक स्वरूप प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे से सीखने, अनुभव साझा करने और खेल के माध्यम से आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
आवश्यकता है कि स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर मैदान, प्रशिक्षक, प्रतियोगिताएं और निरंतर प्रोत्साहन मिले। विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय और स्थानीय खेल क्लब मिलकर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कर्ण नंदा ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि सैवी मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट जैसे आयोजन खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ समाज को सकारात्मक संदेश भी देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा ही स्वस्थ समाज की नींव रखता है और स्वस्थ समाज ही शक्तिशाली हिमाचल तथा सशक्त भारत का निर्माण करता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रूबल चौहान, चेयरमैन आरुष वर्मा, कोषाध्यक्ष मनीष शर्मा, सचिव अनिल ठाकुर तथा अतिश चौहान सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

