
‘Mele Maiyya De’ Concludes with Grand Jagran in Moga : मोगा। पुरानी दाना मंडी में अनमोल वेलफेयर क्लब की ओर से नवरात्रों के उपलक्ष्य में आयोजित 10 दिवसीय धार्मिक समागम ‘मेले मैय्या दे’ का भव्य जागरण के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दरबार में शीश नवाया और 26 शक्तिपीठों व प्रसिद्ध धार्मिक धामों से लाई गई पावन ज्योतियों के दर्शन किए। क्लब अध्यक्ष राजेश अरोड़ा ने आयोजन की सफलता पर शहरवासियों, श्रद्धालुओं, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, सेवादारों और प्रशासन का आभार जताया। समागम के दौरान लकी ड्रॉ के दो विजेताओं को माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा के लिए वंदे भारत ट्रेन की टिकटें भी भेंट की गईं।
उन्होंने कहा कि मां भगवती की असीम कृपा और सभी के सहयोग, श्रद्धा तथा सेवा भावना के कारण यह विशाल धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राजेश अरोड़ा ने कहा कि मेले मैय्या दे केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, समर्पण और आपसी भाईचारे का प्रतीक भी है। दस दिनों तक चले इस समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां भगवती के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। शहरवासियों ने जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ इस आयोजन में सहयोग दिया, उसके लिए क्लब उनका सदैव आभारी रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस धार्मिक समागम को सफल बनाने में योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों तथा शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजन के दौरान जो सहयोग और प्रोत्साहन दिया, वह क्लब के लिए सम्मान की बात है। श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे सेवादारों, व्यवस्था संभालने वाले सहयोगियों और प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान से आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भावना, एकता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। राजेश अरोड़ा ने बताया कि मेले मैय्या दे के अंतिम दिन मां भगवती के भव्य जागरण का आयोजन किया गया। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और कतारबद्ध होकर 26 शक्तिपीठों तथा प्रसिद्ध धार्मिक धामों से लाई गई पावन ज्योतियों के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं ने मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवारों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। समागम का समापन पावन ज्योतियों की भावभीनी विदाई और पूणार्हुति के साथ हुआ। उन्होंने बताया कि दस दिवसीय समागम के दौरान पंडाल में देश-विदेश के 26 शक्तिपीठों और प्रसिद्ध धार्मिक धामों की पावन ज्योतियां सुशोभित रहीं। इनमें मां चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, माता वैष्णो देवी, त्रिपुरमालिनी, बगलामुखी, कांगड़ा देवी, चामुंडा देवी, कुणाल पथरी, मनसा देवी, काली देवी, भद्रकाली, नैना देवी, चंडी देवी, कालका देवी, सरकंडा, करणी देवी, बेरी देवी, झंडेवाली, कात्यायनी, हिंगलाज, शाकंभरी, शीतला, महामाया, बाबा भैरोनाथ, श्री सालासर धाम और नेपाल स्थित मां गजेश्वरी देवी की पावन ज्योतियां शामिल थीं।
इन पावन ज्योतियों के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। राजेश अरोड़ा ने बताया कि समागम के दौरान निकाले गए लकी ड्रॉ के दो भाग्यशाली विजेताओं को माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा के लिए वंदे भारत ट्रेन की दो टिकटें भेंट की गईं। इस पहल ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ाया। उन्होंने कहा कि क्लब का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में श्रद्धा, सेवा और आपसी भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 25 अक्तूबर को क्लब के सभी सदस्य माता चिंतपूर्णी धाम पहुंचकर विधिवत रूप से झंडा चढ़ाएंगे।
अंत में अध्यक्ष राजेश अरोड़ा ने एक बार फिर समस्त मोगा वासियों, श्रद्धालुओं, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक हस्तियों, गणमान्य व्यक्तियों, सेवादारों और प्रशासनिक सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग ने मेले मैय्या दे को यादगार धार्मिक समागम बनाया है। उन्होंने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
मेष: दिन शुभ रहेगा...