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जिला तरनतारन की अदालतों में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत: जिला एवं सत्र न्यायाधीश

पंजाब डेस्क: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा कार्यकारी अध्यक्ष, पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, एस.ए.एस. नगर के निर्देशों के अनुसार जिला तरनतारन में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तरनतारन, कंवलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि इस लोक अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, बिजली, पानी एवं नगर निकाय से जुड़े मामले जैसे सीवरेज, जलापूर्ति, हाउस टैक्स, साइट प्लान, सभी प्रकार के दीवानी मामले, कम सजा वाले आपराधिक मामले, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीटी), बीमा दावे आदि का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाए गए मामलों के विरुद्ध किसी अन्य अदालत में अपील नहीं की जा सकती और इसका फैसला अंतिम माना जाता है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत सिंह बाजवा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निपटारे से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा दोनों पक्षों के बीच आपसी सौहार्द भी बना रहता है। उन्होंने बताया कि यदि किसी मामले का निपटारा लोक अदालत में हो जाता है तो उस पर जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे अपने विवादों का समाधान आपसी सहमति से कराना चाहते हैं तो संबंधित अदालत या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तरनतारन के कार्यालय में आवेदन देकर राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लोगों से उठाने की अपील की लाभ

जिला तरनतारन में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित और सरल समाधान करना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह बाजवा ने लोगों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

इन मामलों का होगा निपटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत में कई प्रकार के मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े मामले

बैंक रिकवरी केस

श्रम विवाद

बिजली, पानी और नगर निकाय संबंधी मामले

हाउस टैक्स, सीवरेज और वाटर सप्लाई विवाद

सभी प्रकार के दीवानी मामले

कम सजा वाले आपराधिक मामले

वैवाहिक विवाद

मोटर दुर्घटना दावा (MACT) मामले

बीमा क्लेम से जुड़े मामले

लोक अदालत के फैसले होंगे अंतिम

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में हुए समझौते के बाद दिए गए निर्णय के खिलाफ किसी अन्य अदालत में अपील नहीं की जा सकती। इसलिए यह प्रक्रिया विवादों के स्थायी समाधान का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

📍 Location: Amritsar (Amritsar)

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