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लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम क्या है? कैसे बदल रहा है खेती का तरीका, PAU विशेषज्ञ ने दी पूरी जानकारी

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पंजाब डेस्क: कृषि क्षेत्र में पानी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकारें अब लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा दे रही हैं। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों तक पानी पहुंचाना है, जहां सामान्य सिंचाई व्यवस्था से पानी पहुंचाना मुश्किल होता है।

पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU) के विशेषज्ञ डॉ. निलेश के अनुसार, लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम खासतौर पर कंडी क्षेत्रों और उन इलाकों के लिए उपयोगी है, जो प्राकृतिक जल स्तर या नहरों की ऊंचाई से ऊपर स्थित हैं।

नहरों के अलावा कई स्रोतों से पहुंचाया जाता है पानी

डॉ. निलेश ने बताया कि लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से केवल नहरों का पानी ही नहीं, बल्कि नदियों, तालाबों, कुओं और टैंकों में संग्रहित बारिश के पानी को भी किसानों के खेतों तक पहुंचाया जा सकता है।

इस प्रणाली में पानी को पंप की सहायता से ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है, जिससे ऐसे खेतों में भी सिंचाई संभव हो जाती है जहां पहले पानी पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था।

स्प्रिंकलर और ड्रिप तकनीक से होती है पानी की बचत

विशेषज्ञों के अनुसार, लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम के तहत पानी का इस्तेमाल मुख्य रूप से दो आधुनिक तरीकों से किया जाता है-

स्प्रिंकलर इरिगेशन तकनीक

ड्रिप इरिगेशन तकनीक

इन तकनीकों से पानी की बर्बादी कम होती है और फसलों को जरूरत के अनुसार सही मात्रा में पानी मिल पाता है। इससे सिंचाई की दक्षता बढ़ती है और जल संरक्षण में भी मदद मिलती है।

सोलर सिस्टम से जोड़कर बढ़ाई जा रही उपयोगिता

डॉ. निलेश ने बताया कि लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम को ज्यादातर सरकारी योजनाओं और सिफारिशों के आधार पर स्थापित किया जाता है। कई जगहों पर इसे सोलर सिस्टम के साथ भी जोड़ा जा रहा है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और किसानों के लिए यह अधिक किफायती बनता है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भूजल पर निर्भरता कम करना और नहरी पानी के उपयोग को बढ़ावा देना है।

लिफ्ट इरिगेशन के बाद भी फसल चयन में सावधानी जरूरी

PAU विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी कि खेतों तक लिफ्ट इरिगेशन के जरिए पानी पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वहां अधिक पानी वाली फसलों, जैसे धान की खेती शुरू कर दी जाए।

उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसे क्षेत्रों में कम पानी की जरूरत वाली फसलों, सब्जियों और उन फसलों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिन्हें ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से आसानी से उगाया जा सके।

जल संरक्षण के लिए समझदारी से करें पानी का इस्तेमाल

डॉ. निलेश ने कहा कि पानी एक सीमित संसाधन है, इसलिए इसका उपयोग जरूरत के अनुसार और योजनाबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम खेती को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल ही लंबे समय तक जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

📍 Location: Ludhiana (Ludhiana)

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