Centre’s response on improving accident potential : शिमला। शिमला संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप द्वारा लोकसभा में हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान एवं उनके सुधार को लेकर उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्न का केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विस्तृत उत्तर दिया।
सड़क सुरक्षा : 11 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हिमाचल प्रदेश में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (e-DAR) तथा एआई आधारित विश्लेषण के माध्यम से वर्ष 2023 से 2025 के दौरान हिमाचल प्रदेश में 11 दुर्घटना संभावित कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं। इनकी जिला-वार सूची में सिरमौर में 3, बद्दी में 2, कांगड़ा में 2, मंडी में 1, शिमला में 1, ऊना में 1 तथा हंस क्षेत्र में 1 दुर्घटना संभावित कॉरिडोर शामिल हैं।
ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य जारी
मंत्री ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल सुधार के लिए सड़क संकेतक, साइन बोर्ड, क्रैश बैरियर, रोड स्टड, सड़क मार्किंग, अनधिकृत कट बंद करना तथा यातायात नियंत्रण जैसे अल्पकालिक उपाय किए जा रहे हैं। वहीं सड़क ज्यामिति में सुधार, जंक्शन सुधार, सड़क चौड़ीकरण, अंडरपास एवं ओवरपास निर्माण जैसे दीर्घकालिक कार्य भी आवश्यकता के अनुसार किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और उपयोगिताओं के स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाएं शामिल होने के कारण समय लगता है। सांसद सुरेश कश्यप के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना संभावित स्थलों के लिए अलग से बजट निर्धारित नहीं किया जाता, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास एवं रखरखाव के अंतर्गत ही इन सुधार कार्यों को शामिल किया जाता है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2024-25 में 3,998 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 3,994 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वर्ष 2025-26 में 3,832 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जिनमें 3,818 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं वर्ष 2026-27 में 30 जून तक 1,511 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 1,109 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

