तमिलनाडु में द्रमुक सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश किया। इस दौरान वित्त मंत्री पलानीवेल थियागा राजन ने कहा कि 2014 के बाद पहली बार राजस्व घाटा 7,000 करोड़ रुपये से अधिक कम होने का अनुमान है। बजट पेश किए जाने के दौरान मुख्य विपक्षी एआईएडीएमके ने नारे लगाने के बाद सदन का बहिष्कार किया। द्रमुक सरकार के मई 2021 में सत्ता में आने के बाद यह दूसरा बजट है।
थियागा राजन ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और बाढ़ के चलते राज्य की वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि हालांकि राजस्व घाटा 2014 से हर साल उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। लेकिन इस बार स्थिति उलट है। वित्त मंत्री ने कहा कि सूझ-बूझ के साथ राजकोषीय प्रबंधन से कुल मिलाकर राजस्व घाटा संशोधित अनुमान में कम होकर 55,272.79 करोड़ रुपये रहा जबकि बजट में इसके 58,692.68 करोड़ रुपये रहने का अनुमान रखा गया था।उन्होंने कहा कि सरकार कर संग्रह में कुशलता बढ़ाने को लेकर हर संभव कदम उठाएगी।
थियागा राजन ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने 2021-22 में राजकोषीय घाटा राज्य जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। हालांकि जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में संशोधित अनुमान में इसके 3.80 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बजट में 2,531 करोड़ रुपये कृषि ऋण माफी, आभूषणों को लेकर लिये गये कर्ज माफी के लिये 1,000 करोड़ रुपये तथा स्वयं-सहायता समूह के लिये कर्ज माफी को लेकर 600 करोड़ रुपये प्रावधान किये गये हैं।