कंपलीशन के बाद बहुमंजिला इमारतों की जांच के नियम बनाए सरकार: Neeraj Sharma

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हरियाणा : फरीदाबाद एनआइटी से नीरज शर्मा ने विधानसभा में उठाया बहुमंजिला इमारतो मे धटिया सामग्री इस्तेमाल करने का मुद्दा उठाया। विधानससभा सत्र में ध्यानाकर्षण सूचना पर बोलते हुए नीरज शर्मा ने कहा कि एक बार जो कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी होता है क्या उसके बाद क्या सरकार के पास कोई ऐसी तकनीक है जिसमें कि सरकार यह जांच करे कि कंपलीशन के बाद अवैध निर्माण न हो। सरकार लिमिटेड फ्लोर तक की परमिशन देती है उसके पीछे बहुत बड़ा कारण होता है की इतने मंजिल तक की आग लगने अपातकालीन स्थिति से जुझने के लिए अग्निशामक यंत्र हैं, की नहीं हैं।

फरीदाबाद गुडगांव की बडी दुर्भाग्य पूर्ण स्थिति है अभीतक हाइराईज बिल्डिगों के लिए बडी मशीने आई नहीं है क्योकि कल कोई हदसा हो जाए तो काफी तकलीफ का सामना करना पडेगा। अक्सर ऐसा भी सुनने में आता है कि बिल्डर कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने के बाद फ्लोर बना देते हैं जिससे की दुर्घटना के काफी चांस रहते हैं। गुडगांव फरीदाबाद में धटिया समाग्री का इस्तेमाल हो रहा है इसमें अलोचना करना हमारा मकसद नही होना चाहिए समाधान निकालना भी हमारा काम है। 2014 में एफोरडेबल का रेट 4,000 रूपए रेट था आज 7 साल में 4200 रूपए हुआ है जबकि सीमेंट के रेट बढ़ गए।

अतारकिंत प्रश्न में पूछा मांझावली पुल का ब्यौरा विधायक नीरज शर्मा ने प्रश्न में पूछा की मांझावली पुल की आधारशिला कब रखी गई थी तथा उक्त पुल का निर्माण कार्य कब तक किए जाने की सभांवना है और इसके साथ उक्त पुल के डिजाईन में कोई बदलाव किया गया है तथा बादलाव के कारण जो वितिय भार पडेगा उसको कौन निर्वाहन करेग ठेकेदार या सरकार। जिसपर उप मुख्यमंत्री जी ने जवाब देते हुंए विधानसभा में बताया की मांझावली पुल की आधारशिला दिनाक 15.08.2014 में रखी गई थी और 27.10.2017 को कार्य स्वीकृत किया गया एंव 10.03.18 को कार्य शुरू किया गया। अनुबंध के अनुसार कार्य पूर्ण करने की तिथि 31.08.2019 थी लेकिन अब 30.06.2022 तक कार्य पूर्ण होने की सभांवना है।