CISF के 230 कमांडो ने मुंबई में रिलायंस जियो वल्र्ड सेंटर की संभाली सुरक्षा

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नयी दिल्ली : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने शुक्रवार को मुंबई में रिलायंस समूह के जियो वल्र्ड सेंटर में 230 कमांडो की तैनाती कर सुरक्षा का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया। अर्धसैनिक बल ने दिल्ली में जारी एक बयान में कहा कि वह ‘‘त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) पद्धति पर’’ इस सेंटर को सुरक्षा प्रदान करेगा, जहां कमांडो अत्याधुनिक हथियारों और वाहनों का उपयोग करते हुए उपयुक्त स्थानों से निगरानी रखेंगे। सीआईएसएफ की देखरेख में क्लाइंट (जियो सेंटर) द्वारा प्रदान किए गए निजी सुरक्षा गार्ड द्वारा नियमित प्रवेश और निकास का संचालन किया जाएगा।

सीआईएसएफ और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के वरिष्ठ अधिकारी उस कार्यक्रम में उपस्थित थे, जहां सीआईएसएफ का झंडा फहराया गया, एक केक काटा गया और एक रस्मी चाबी सुरक्षा टुकड़ी को सौंपी गई, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी करेंगे। फीफा फुटबॉल मैदान से लगभग 12 गुना बड़ा और न्यूयॉर्क में एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के आकार से 10.3 गुना बड़े सेंटर को आरआईएल द्वारा 75,000 वर्ग मीटर के भूखंड पर विकसित किया गया है और यह महाराष्ट्र की राजधानी में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में स्थित है। बयान में कहा गया, ‘‘जियो वल्र्ड सेंटर का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (रिलायंस रियल इस्टेट) के पास है। यह भारत की व्यापारिक राजधानी मुंबई के केंद्र में बीकेसी में स्थित एक बहु उपयोगिता वाली परियोजना है।’’

सीआईएसएफ ने एक बयान में कहा, ‘‘खतरे की धारणा के मद्देनजर जियो वल्र्ड सेंटर की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहा है।’’ यह सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे के तहत लाए जाने वाले आरआईएल का तीसरा केंद्र है। नवी मुंबई में रिलायंस आईटी पार्क और गुजरात के जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी को पहले ही केंद्रीय अर्धसैनिक बल का सुरक्षा कवच मिल चुका है। आरआईएल के प्रवर्तक मुकेश अंबानी और उनकी प}ी व रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष नीता अंबानी को भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा मिली हुई है।अधिकारियों ने पूर्व में पीटीआई-भाषा को बताया था कि गृह मंत्रलय द्वारा संभावित आतंकवादी और विध्वंसक खतरे के खिलाफ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार खतरे के आकलन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सीआईएसएफ को सेंटर को सुरक्षित करने का काम सौंपा गया था। इसका कन्वेंशन सेंटर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सत्र की मेजबानी करेगा, जिसके अगले साल मई या जून में भारत में पहली बार आयोजित होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि केंद्र में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जिनमें कई कर्मचारी, आगंतुक और गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं। यह सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे के तहत निजी क्षेत्र का 12वां प्रतिष्ठान होगा।