सरकारी कार्यालयों में लोगों की सेवा लिए उपलब्ध रहें अधिकारी : डीसी

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फतेहाबाद : सभी अधिकारी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर बाद एक बजे तक नागरिकों से मिलने का समय निर्धारित करें। कार्यालय में आने वाले लोगों की सुनवाई के लिए अधिकारी उपलब्ध होने चाहिए। यह बात डीसी प्रदीप कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों की मासिक बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान संबोधित करते हुए कही।

डीसी अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की किस-किस योजना के तहत क्या-क्या विकास कार्य चल रहे हैं और उनकी लागत व समय सीमा क्या है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भिजवाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता रखी जाए। गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। विकास कार्यों में पारदर्शिता व भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने विजिलैंस कमेटियों का गठन किया है। जिला में भी ये कमेटियां गठित है। जिला स्तर पर गठित की गई कमेटी के चेयरमैन एडीसी है और उपमंडल स्तरीय सतर्कता कमेटी के चेयरमैन संबंधित एसडीएम है। उन्होंने कहा कि कमेटी के पास शिकायत आती है तो उस पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने विभाग के अधिकारियों से यह भी कहा कि वे समय-समय पर विकास कार्यों का निरीक्षण करते रहे और इसकी समीक्षा भी करें। विभाग अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट हर माह उपायुक्त कार्यालय को अवश्य भेजे। डीसी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि खराब हुई फसलों का मुआवजा वितरण आगामी दस अप्रैल तक कर दें। मुआवजा वितरण कार्य में किसी भी प्रकार की ढील न बरती जाए। उन्होंने सरकारी संपत्तियों के लैंड बैंक बनाने के निर्देश भी दिए और सभी विभागों से कहा कि वे अपने-अपने विभाग की भूमि संपत्ति की रिपोर्ट डीआरओ कार्यालय को भिजवाए।

उन्होंने विभागों से कहा कि वे विजिन डाक्यूमैंट के तहत आगामी परियोजनाओं के प्रस्ताव भिजवाए। यह कार्य टाइम लाइन अनुसार हो और विजिन डोक्यूमेंट में प्रोजेक्ट की समय सीमा क्लीयर की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कोविड टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए और लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रयास करने भी निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे जब भी फील्ड में जाए तब स्कूलों का निरीक्षण करें। स्कूलों में बनने वाले मीड डे मिल की गुणवत्ता को भी जांचे।