अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कोयले की कीमत, पंजाब के थर्मल प्लांटों पर संकट

Spread the News

चंडीगढ़: रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पंजाब व दूसरे राज्यों में कोयले का संकट पैदा होने के हालात बन गए हैं। गौरतलब है कि रूस दुनिया के बहुत सारे देशों को कोयला एक्सपोर्ट करता है। युद्ध के कारण कोयले के दामों में भारी वृद्धि हुई है। जो कोयला पिछले साल 70 डॉलर का एक टन मिल रहा था, अब उस कोयले का रेट बढ़कर 400 डॉलर प्रति टन हो गया है। भारत के कई राज्य अपनेथर्मल प्लांटों के लिए कुछ प्रतिशत कोयला दूसरे देशों ऑस्ट्रेलिया, रशिया से प्राप्त करते हैं लेकिन कोयले की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत बढ़ने के कारण बहुत सारे प्राइवेट थर्मल प्लांटों ने बाहर से कोयला मंगवाना बंद कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कोयले के रेट बढ़ने के कारण देश में कोयले की खानों पर बोझ बढ़ गया है और कोयला प्राप्त करने में मुश्किल आ रही है।

दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने राज्य के बिजली बोर्डों को 4 प्रतिशत से लेकर 10 प्रतिशत तक बाहर से कोयला इम्पोर्ट करने के लिए कह दिया है और इस कारण राज्य की बिजली बोर्डों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।