पितरों की आत्मिक शांति के लिए मेले में पहुंचने लगे श्रद्धालु, प्रशासन की है चप्पे-चप्पे पर नजर

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पिहोवा : विश्व प्रसिद्ध चैत्र चौदस मेले पर सरस्वती तीर्थ पृथुदक तीर्थ पर पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए हैं। चैत्न चौदस के पहले दिन ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सरस्वती तीर्थ पर पहुंचकर पूजा पाठ करना शुरू कर दिया है। श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी कमर कस ली है। मेला प्रशासक एवं एसडीएम सोनू राम ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध चैत्न चौदस मेला विधिवत रूप शुरू हो गया है। देश के कोने कोने से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

पंजाब, हिमाचल और अन्य प्रदेशों से श्रद्धालुओं को लाने ओर ले जाने के लिए विभाग की तरफ से बसें चलाई गई हैं। सरस्वती तीर्थ के आस पास के क्षेत्न पर पैनी निगाहें रखी जा रही है, इसके लिए सीसी कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम में बैठकर असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए हुड्डा ग्राऊंड में विशेष प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि 30 मार्च से 1 अप्रैल तक चैत्न चौदस मेला रहेगा, इसलिए सभी ड्यूटी मैजिस्ट्रेट ओर सैक्टर अधिकारियों को चौकस रहने के निर्देश दिए हैं।

झूले बने मनोरंजन के साधन

हुड्डा ग्राउंड में झूलों का मजा लेने के लिए बच्चे व अन्य लोग पहुंचने शुरू हो गए हैं। इस ग्राऊंड में करीब कई प्रकार के झूले लगाए गए हैं ओर श्रद्धालुओं के लिए मनोरंजन के अन्य प्रबंध भी किए गए हैं।

बिछड़ों को मिलाने का काम करेगा सूचना केंद्र

चैत्न चौदस मेले में लाखों की तादाद में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के भीड़ में खोए जाने व फिर छोटे बच्चों के बिछुड़ों से मिलाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की तरफ से बाल भवन में सूचना प्रसारण केंद्र स्थापित किया गया है।

सुरक्षा की संभाली कमान

मेले में सुरक्षा एवं व्यवस्था को दुरु स्त रखने के लिए शहर के बाहरी ओर आंतरिक जगहों पर नाकाबंदी ओर बेरिकेटस लगाकर सुरक्षा अधिकारियों ओर पुलिस कर्मचारियों ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। मेला क्षेत्न के आस पास 5 पुलिस चैक पोस्ट बनाई गई है और आस-पास के जिलों से आए करीब 250 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

समूह में एकत्रित होकर पहुंचने लगे तीर्थ स्थल

पंजाब, हिमाचल ओर अन्य राज्यों से श्रद्धालु समूह में एकित्रत होकर पहुंचने लगे है। पंजाब से आए श्रद्धालु सुखबीर सिंह व अनिल ने कहा कि वे पिछले कई सालों से चैत्न चौदस मेले पर सरस्वती तीर्थ के पवित्न जल में स्नान करने के साथ साथ पितरों का तर्पण करने के लिए आ रहे हैं।

तीर्थ स्थल पर पहुंचे सरसों का तेल, सूत का धागा ओर दीपक बेचने वाल

सरस्वती तीर्थ पर विशेष रूप से सूत का धागा, दीपक ओर सरसों का तेल बेचने वाले भारी संख्या में पहुंच चुके हैं। अहम पहलू यह है कि सूत का प्रयोग प्रेत पीपल पर बांधने में किया जाता है तो सरसों के तेल से जहां श्रद्धालु तट पर दीपदान करते हैं वहीं स्वामी कार्तिकेय मंदिर में भी श्रद्धालुओं द्वारा तेल चढ़ाया जाता है।