Anthony Albanese ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री पद की ली शपथ, क्वाड शिखर वार्ता के लिए Tokyo हुए रवाना

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कैनबरा: जापान की राजधानी तोक्यो में मंगलवार को होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले एंथनी अल्बानीस ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में अभी मतगणना जारी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि अल्बानीस जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आह्वान कर रही संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर पाएंगे या नहीं।

अल्बानीस की लेबर पार्टी ने शनिवार को हुए चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के नेतृत्व वाले कंजर्वेटिव गठबंधन को सत्ता से बाहर कर दिया है। शपथ ग्रहण के लिए राजधानी कैनबरा रवाना होने से पहले अल्बानीस ने अपने गृहनगर सिडनी में कहा, ‘‘मैं ऐसी सरकार का नेतृत्व करना चाहता हूं, जिसमें आशावाद और उम्मीद की वही भावना हो, जो ऑस्ट्रेलियाई लोगों को परिभाषित करती है।’’ अपने आप को प्रधानमंत्री पद के लिए ग्रामीण जातीय अल्पसंख्यक (नॉन-एंग्लो सेल्टिक) समुदाय का इकलौता उम्मीदवार बताने वाले अल्बानीस और मलेशिया में जन्मी पेन्नी वोंग को गवर्नर जनरल डेविड हर्ले ने शपथ दिलाई। वोंग विदेश में जन्मीं आॅस्ट्रेलिया की पहली विदेश मंत्री हैं।

शपथ ग्रहण के बाद अस्बानीस और वोंग मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली क्वाड शिखर वार्ता के लिए तोक्यो रवाना हो गए। व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन ने चुनाव जीतने पर अल्बानीस को फोन कर बधाई दी और चार देशों के क्वाड गठबंधन को मजबूत बनाने की इच्छा जताई। मॉरिसन के मतगणना के शुरुआती चरण में ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के फैसले के कारण हर्ले (जो ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्राध्यक्ष ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का प्रतिनिधित्व करते हैं) ने यह पुष्टि हुए बिना ही अल्बानीस को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया कि वह संसद के निचले सदन में बहुमत हासिल कर पाएंगे या नहीं।

उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस ने भी सोमवार को शपथ ग्रहण की और वह अल्बानीस के जापान में होने के दौरान प्रधानमंत्री के तौर पर कार्य करेंगे। वहीं, कैटी गैलाघर और जिम चैल्मर्स को आर्थिक मामलों के मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई। मतगणना में लेबर पार्टी को 151 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 75 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो बहुमत के आंकड़े से एक सीट कम है। वहीं, कंजर्वेटिव गठबंधन फिलहाल 58 सीटों पर जीत दर्ज करता नजर आ रहा है।