ED द्वारा Sonia Gandhi एवं Rahul को सम्मन भेजकर विपक्ष की आवाज दबाने और ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश : Ranjeet Ranjan

Spread the News

चंडीगढ़ : वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद श्रीमती रंजीत रंजन ने आरोप लगाया है कि इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सम्मन भेजकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से विपक्ष की आवाज दबाने और ज्वलंत मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी, कश्मीर में बिगड़ रही सुरक्षा व्यवस्था व आपसी भाईचारे को लेकर लोगों का ध्यान भटकाने की एक कोशिश की गई है। यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, श्रीमती रंजन ने कहा कि ईडी द्वारा सम्मन भेजना कानूनी और तकनीकी तौर पर अनुचित है, क्योंकि कहीं भी पैसों की लेनदेन ना होने के चलते कोई भी केस नहीं बनाया जा सकता।

नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने भारी घाटे के चलते नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर को बेच दिया था। उन्होंने कहा कि 90 करोड़ रुपये में से 67 करोड़ रुपये कर्मचारियों को वीआरएस और ग्रेच्युटी के लिए दिए गए थे, जबकि बाकी रकम किराए, बिजली के खर्चे के लिए दी गई और बनती कुछ रकम सरकार को भी दी गई। उन्होने स्पष्ट किया कि यंग इंडिया सिर्फ एक संरक्षक के रूप में कार्य कर रहा था और उसके डायरेक्टरों ने एक पैसा भी नहीं लिया। जब किसी तरह की नकदी का लेनदेन ही नहीं हुआ, तो मनी लांड्रिंग पर सवाल ही नहीं बनता, जो सरकार खड़ा करने की कोशिश कर रही है।

श्रीमती रंजन ने कहा कि यह स्पष्ट तौर पर बदले की और परेशान करने की राजनीति का मामला है, क्योंकि बीजेपी की रणनीति या तो लोगों को शामिल करने की रहती है या फिर अपने राजनीतिक विरोधियों पर अलग-अलग केंद्रीय एजेंसियां जैसे सीबीआई और ईडी छोड़ने की रहती है। उन्होंने जिक्र किया कि किस तरह एक बंगाली नेता को कई केसों में नाम होने के बावजूद भाजपा में शामिल होने के बाद क्लीन चिट दे दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को ऐसी हरकतों के जरिए दबाया नहीं जा सकता। हम इनका कानूनी तौर पर मुकाबला करेंगे और आपको भी नहीं आराम से बैठने देंगे व आपका विरोध और भंडाफोड़ करते रहेंगे।

श्रीमती रंजन ने आरोप लगाया कि केंद्र और अलग-अलग राज्यों की भाजपा सरकारें कई तरह के घोटालों में लिप्त हैं और वे लोगों का ध्यान उन घोटालों से हटाने के लिए विपक्षी नेताओं को फंसा रही हैं, जिन घोटालों में व्यापम घोटाला, इनके खास अदानी के पोर्ट से करोड़ों रुपए की ड्रग्स बरामदगी का मामला, पीपीई किट घोटाला, लॉकडाउन घोटाला, गुजरात मास्क घोटाला, लोन घोटाला जिसमें बैंकों के साथ करोड़ों रुपये का धोखा हुआ, पीएम केयर्स फंड घोटाला जैसे कुछ ही नाम हैं।