25 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो दवा: Prabhjot Singh

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हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनवरी 2010 से लेकर अब तक शून्य से 5 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को नियमित रूप से पोलियो दवा पिलाकर राज्य के पोलियो मुक्त स्टेटस को बनाए रखते हुए 19 जून को उप-राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (एसएनआईडी) का पहला दौर आयोजित किया जा रहा है। जिसमें शून्य से 5 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 25 लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाई जाएगी। लगातार तीन दिन पोलियो की दवा पिलाने के इस अभियान के तहत पहले दिन बूथ गतिविधियां और शेष दो दिनों में राज्य के 13 जिलों में घर-घर जाकर दवा पिलाने का कार्य किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह ने सिविल सर्जनों को सभी प्रबंध सुचारू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए दवा पिलाने के प्रशिक्षण के साथसाथ जिला टास्क फोर्स का उन्मुखीकरण करते हुए प्रत्येक जिले में सभी तैयारियां की जाएं। एसएनआईडी के पहले दौर का संचालन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाना चाहिए। जिसमें बूथ के साथ-साथ घर-घर जाकर दवा पिलाने के दौरान मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने व नियमित अंतराल पर हाथ धोने के नियमों का पालन करना शामिल है।

इन 13 जिलों को किया जाएगा कवर
प्रभजोत ने सिविल सर्जनों को महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, प्रारंभि क और माध्यमिक शिक्षा विभाग, शहरी स्थानीय निकाय और जनसंपर्क निदेशालय के साथ सहयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश स्टेट टास्क फोर्स के साथ एसएनआईडी की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए डिजीटल रूप से हुई बैठक के दौरान दिए। एसएनआईडी के पहले दौर में 13 जिलों अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, करनाल, कुरुक्षेत्र, मेवात, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर में शून्य से पांच वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं हेल्पर्स पोलियो की दवा पिलाने के लिए केंद्र खोलें और अपने क्षेत्र में टीकाकरण दल का हिस्सा बनें। उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को गैर सरकारी संगठनों व उनके साथ पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों की जनशक्ति की पहचान करने के निर्देश दिए ताकि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करके उन्हें पोलियो-वैक्सीनेटर के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।