Agneepath Scheme: सरकार ने बढ़ाई समय सीमा, फिर भी क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र? जानिए सबकुछ

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम पर देशभर में युवाओं का रोष प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया के लिए पहले घोषित ऊपरी आयु सीमा को 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया है। यह स्कीम क्या है और युवा इसका विरोध क्यों कर रहे हैं आईए आपको विस्तार में बताते हैं।

क्या है यह योजना?

केंद्र की इस योजना के तहत इस साल 46 हजार युवाओं को सहस्त्र बलों में शामिल किया जाना है। इसमें चार साल के लिए युवाओं को भर्ती किया जाएगा और उन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। इस बार 23 साल तक के छात्र भर्ती प्रकिया के लिए योग्य होंगे। वहीं सेना भर्ती के लिए निर्धाारित शैक्षणिक योग्‍यता पूर्ववत ही रहेगी। इसके लिए 12वीं पास उम्‍मीदवार भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इसके पश्चात फिजिकल स्‍टैंडर्ड और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्‍ट के आधार पर ही उम्‍मीदवारों का चयन होगा। इनमें चुने गए युवा 4 वर्षों के लिए अग्निवीर के तौर पर सेना में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

मिलेगी इतनी सैलरी

इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल करना है। ये भर्ती प्रक्रिया टेस्ट द्वारा की जाएगी यानि की छात्रों से मेरिट और मेडिकल टेस्ट के आधार पर ही की जाएगी। फिर चुने गए युवा सेना में सेवा देंगे। इन चार वर्षों में अग्निवीरों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी।

साथ ही अग्निवीरों को 30 हजार से 40 हजार महीना सैलरी और अन्य फायदे भी दिए जाएंगे। और इसके साथ उन्हें इन दौरान अग्निवीर तीनों सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह अवॉर्ड और मेडल दिए जाएंगे। वह इंशोयरेस कवर भी पा सकेंगे। इसके साथ उन्हें 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा।

शहीदों के मिलेगा इतना मुआवजा

वहीं अगर युवा सेवा के दौरान शहीद या फिर दिव्यांग हो जाते हैं तो उन्हें सरकार की तरफ से तकरीबन 44 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इतना ही नहीं चार साल पूरे होने के बाद 25 फीसदी को फिर सेना में 15 साल और सेवा करने का मौका मिलेगा। वहीं चार साल बाद जो युवा यानि अग्निवर बाहर होंगे उन्हें सेवा निधि पैकेज के तहत टैक्स फ्री करीब 12 लाख रुपये एकमुश्त मिलेंगे।

छात्र क्यों कर रहे प्रदर्शन?

इस योजना को लेकर कल से छात्र देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल छात्रों का कहना है कि सेना में चार साल की अवधि का फैसला उन्हें पसंद नहीं आया क्योंकि वह इन चार वर्षों के बाद क्या करेंगे? अगर उन्हें निकाल देते हैं तो वह कहां जाएंगे और फिर उनके रोजगार का क्या होगा?

सरकार ने रखा अपना पक्ष

विरोध के बाद सरकार ने इस पर अपना पक्ष बताते हुए कहा कि उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में दो साल की वृद्धि करने का फैसला किया है। योजना के लिए भर्ती प्रक्रिया के लिए पहले घोषित ऊपरी आयु सीमा को 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया है। हालांकि केंद्र ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल एक बार ही दी जाएगी और वर्ष 2022 के लिए प्रस्तावित भर्ती चक्र के लिए प्रदान की जाएगी।

केंद्र ने कहा कि वह इस तथ्य से अवगत है कि पिछले दो वर्षों के दौरान भर्ती करना संभव नहीं हुआ है। इस योजना में नवीनतम बदलाव के पीछे यह एक कारण है।

उल्लेखनीय है कि अग्निपथ या अग्निवीर योजना केंद्र सरकार द्वारा सेना, नौसेना और वायु सेना में चार साल की अवधि के लिए अनुबंध पर सैनिकों की भर्ती के लिए घोषित एक प्रक्रिया है। योजना के अनुसार इसमे दाखिले की न्यूनतम आयु साढ़े सत्रह वर्ष और अधिकतम आयु 21 वर्ष तय की गयी है। यह योजना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मगंलवार को जारी की थी।