Haryana Vigilance की बड़ी कार्रवाई, महज 24 घंटे में 8 घूसखोरों को किया काबू

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हरियाणा राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने कमाल करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 8 घूसखोरों को 2.62 लाख रुपए की रिश्वत के साथ काबू किया। इनमें एक एसडीओ, दो जूनियर इंजीनियर, दो पुलिस अधिकारी, एक ट्यूबवैल हैल्पर और दो निजी व्यक्ति शामिल हैं। आरोपियों को करनाल, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत ब्यूरो द्वारा इस वर्ष अब तक 50 हजार से 5 लाख तक की रिश्वत लेते कई अधिकारियों सहित 66 सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को काबू किया जा चुका है।

विजिलेंस प्रवक्ता ने बताया कि पहले मामले में निसिंग करनाल में तैनात यूएचबीवीएन के एसडीओ मनीष लांबा व कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार सहित एसडीओ के निजी चालक को एक लाख की रिश्वत के साथ काबू किया गया। इन्होंने निसिंग में किसान के खेतों से बिजली की लाइन हटाने के लिए रिश्वत की मांग की। जब आरोपियों ने किसान से 3.5 लाख रुपये लेने के बाद भी खेतों से बिजली के तार नहीं हटाए तो किसान ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। जिसके बाद टीम ने रेड करके तीनों को रिश्वत सहित काबू किया।

फरीदाबाद में जेई व ट्यूबवैल हैल्पर एक लाख की ले रहे थे घूस : एक अन्य मामले में टीम ने सुधीर वासदेव की शिकायत पर नगर निगम फरीदाबाद के कनिष्ठ अभियंता कपिल भारद्वाज के साथ ट्यूबवैल हेल्पर योगेश कुमार को एक लाख की रिश्वत लेते पकड़ा। आरोपी ट्यूबवैल हैल्पर ने शिकायतकर्ता द्वारा बनाए जा रहे भवन को नहीं गिराने पर कनिष्ठ अभियंता के नाम पर तीन लाख घूस की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने ब्यूरो में शिकायत की। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने रेड करके दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम सहित काबू किया। एक अन्य मामले में फरीदाबाद से टीम ने शिकायतकर्ता के राशन कार्ड में सुधार करने के एवज में 2000 रुपए रिश्वत लेते निजी व्यक्ति अंकुर सोनी को गिरμतार किया। आरोपियों के खिलाफ ब्यूरो के संबंधित थानों में मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच की जा रही है।