तालाब में मछलियों के मरने का सिलसिला जारी, जांच करने किया आग्रह

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डिडवीं टिक्कर : ग्राम पंचायत दिम्मी के तहत राजकीय पाठशाला दिम्मी के नजदीक सड़क के किनारे बने तलाब में आजकल मछलियों का एका एक अपने आप ही मरने का क्रम जारी है। इसके पीछे क्या कारण है? समझ नहीं आ रहा है। कि मछली क्यों मर रही हैं पानी में ऑक्सीजन की मात्ना कम है, या फिर दूषित पानी के कारण ,या फिर तालाब में गर्म पानी से एकदम वर्षा का ठंडा पानी पड़ने का कारण रहा होगा। दरिद्र नारायण कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश के प्रदेश महासचिव कुलदीप शर्मा शास्त्नी ने मत्स्य पालन विभाग से आग्रह किया है कि इन जीवो के कारण का पता लगाकर उचित समाधान किया जाए ताकि अकाल ही यह मछलियां मृत्यु को प्राप्त न हो।

गौरतलब है कि मत्स्य पालन विभाग के सौजन्य से वर्ष 2015-16 में इस तालाब का जीर्णोउद्धार कर इस तालाब को 5 वर्ष के लिए दिम्मी गावं के ही एक व्यक्ति कमलेश कुमार को पंचायत ने लीज पर दिया था। मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष उसकी लीज की अवधि समाप्त हो गई है। ग्रामपंचायत दिम्मी की प्रधान ऊषा बन्याल ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व बारिश होने से पहले मछलियों के मरने की शिकायत मिली थी मैंने खुद मौके पर जाकर स्थिती देखी व् मत्स्य पालन विभाग को इस बारे सूचित किया। सूचना पाकर मत्स्य पालन विभाग हमीरपुर वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी डाक नीतू सिंह ने तालाब का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने कुछ उपाय बताये थे उसके बावजूद मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है।

वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी डाक नीतू सिंह ने बताया कि तालाब में पानी का लेवल कम हो गया था । तालाब सूखने के कगार पर था। दो तीन दिन बादल भी रहे इस दौरान आक्सीजन की कमी हो जाती है। पंचायत को तालाब में पानी के टैंकर डालने की सलाह दी गई थी। जहाँ तक बारिश के बाद मछलियों के मरने की बात है तो तालाब सड़क के किनारे स्थित है लोगों द्वारा अधिक मात्ना में भोजन सामग्री डाल देना भी इनके मरने का कारण हो सकता है।