‘Agneepath Scheme’ को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं, हिंसक प्रदर्शन राष्ट्रहित में नहीं : Kuldeep Singh kahlon

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चंडीगढ़ : पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष ब्रिगेडियर कुलदीप संघ काहलों ने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेना प्रमुखों के बीच कई बैठकों के बाद सशस्त्र बलों की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ के माध्यम से सेना में भर्ती होना संभव है, युवा भर्ती होने के इच्छुक सभी प्रदर्शनकारी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह भी समझना चाहिए कि बर्बरता और आगजनी की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न केवल देश की संपत्ति को नुक्सान पहुंचाती हैं, बल्कि पड़ोसी देशों की भारत विरोधी एजेंसियों को और गति देती हैं और देश की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं।

उन्होंने कहा कि हर वर्ग, धर्म, जाति, समाज और देश के हर राज्य में युवाओं की भर्ती की जाती है और योग्यता के आधार पर अधिकारियों की भर्ती की जाती है।अधिकारियों की भी कमी है, हर साल लगभग 60,000 घर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के बयान के अनुसार पूर्व सैनिकों के साथ विचार-विमर्श के बाद अग्निपथ योजना को लागू किया गया था। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने यह भी कहा कि कई अन्य देशों के भर्ती मॉडल से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। हम थल सेनाध्यक्षों की योग्यता और सलाह पर सवाल नहीं उठाते, स्वास्थ्य और कैंटीन की सुविधाओं के बारे में छोटी-छोटी घोषणा करने की जरूरत नहीं थी।