Breaking: पंजाब: IAS अफसर Sanjay Popli पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, गिरफ्तार

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IAS Sanjay Popli

पंजाब के भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आप सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में अब राजनेताओं के साथ साथ ब्यूरोक्रेसी पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विजिलेंस ब्यूरो ने करप्शन के मामले में 2008 बैच के सीनियर आईएएस ऑफिसर संजय पाेपली को सोमवार देर शाम उस समय अरेस्ट कर लिया जब वह सेक्टर-17 में पत्नी के साथ शापिंग पर गए थे। उनके सहायक सचिव रहे और इस रिश्वतखोरी का खेल रचने वाले संदीप वत्स को जालंधर से गिरफ्तार किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, दोनों के खिलाफ मोहाली विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर-9 भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7,7ए और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है, दोनों को आज डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मोहाली में पेश किया जाएगा। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार जिस समय आईएएस ऑफिसर संजय पाेपली वॉटर एंड सीवरेज बोर्ड के सीईओ थे, तब उनके साथ लगे सहायक सचिव संदीप वत्स ने नवांशहर के एक ठेकेदार से 7.30 करोड़ की पेमेंट की अदायगी करने की एवज में कुल रकम का 7 फीसदी हिस्सा मांगा था।
ठेकदार ने मना किया तो बात बीच में 2 फीसदी तक पहुंच गई। फाइनल डील 1 फीसदी में तय हुई, साढ़े 3 लाख रुपए ठेकेदार संजय ने संदीप वत्स को अदा भी कर दिए थे। ये सारी सौदेबाजी व रुपयों का लेनेदन गाड़ी में हुआ जिसकी पीड़ित ठेकेदार ने रिकॉर्डिंग भी कर ली थी। 17 मिनट की इस वीडियो रिकॉर्डिंग को पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के साथ भेज दिया।
3 जून को विजिलेंस ब्यूरो की हेल्पलाइन पर हरियाणा के रहने वाले एक ठेकेदार संजय कुमार ने शिकायत दी थी, इसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने ठेकेदार के तौर पर कुछ समय पहले नवाशंहर में नया सीवर डालने और नई पाइपलाइन बिछाने का काम किया था। काम के पूरा होने के बाद 7.30 करोड़ की अदायगी बोर्ड की तरफ से उन्हें की जानी थी। काफी बार ऑफिस के चक्कर काटने के बाद भी बोर्ड के किसी अधिकारी व कर्मचारी ने उनकी सुनवाई नहीं की। इस दौरान उनका संपर्क बाेर्ड के सीईओ संजय पोपली के सहायक सचिव संजय वत्स से हुई, वत्स ने उनसे सौदेबाजी करनी शुरू कर दी।
वत्स ने कहा कि अब रिश्वत में काफी रिस्क हो गया है इसलिए रकम भी ज्यादा देनी पड़ेगी। ठेकेदार इस दौरान चुपके से वीडियो बनाता रहा। साढ़े 3 लाख मिलते ही वत्स ने पोपली को फोन कर बताया था कि पैसे मिल गए। वहीं, विजिलेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि कर कहा कि शिकायत मिलने के बाद आरोपों को वेरिफाई किया गया। शिकायत के तथ्य सही पाए जाने के बाद इसकी जानकारी तुरंत राज्य के मुख्य सचिव अनिरूद्ध तिवारी को दी गई,क्याोंकि सीएस के पास सेक्रेटरी विजिलेंस का चार्ज भी होता है। सीनियर आईएएस अधिकारी को अरेस्ट करने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होती है।