लखनऊ : CM योगी ने ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की प्रदेश वासियों को दी बधाई, राज्यपाल आनंदीबेन, उपमुख्यमंत्री पाठक ने किया योग

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘8वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की प्रदेश वासियों एवं साधकों को हार्दिक बधाई दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तन-मन की आरोग्यता सुनिश्चित करने व आध्यात्मिक चेतना की जागृति का माध्यम ‘योग’ आज ‘विश्व निधि’ बन चुका है। आइए, सभी लोग ‘योग करें, निरोग रहें!’ इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी और उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने योग क‍िया। इस दौरान उपमुख्‍यमंत्री पाठक ने योग करने के साथ सभी को इसके फायदे भी ग‍िनाए।

इस मौके पर मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा क‍ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने भारत की ऋषि परंपरा के इस उपहार को भारत नहीं, बल्कि दुनिया में पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में 200 से अधिक देश योग के साथ भारत की ऋषि परंपरा और विरासत के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा होगा। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दौरान भी योग के महत्‍व का पता चला। कोरोना जैसी महामारी के दौरान सभी ने यह देखा कि जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है, वही रोग के सामने टिक पाएगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्‍होंने कहा कि हम सब आभारी हैं प्रधानमंत्री मोदी के जिन्होंने भारत की ऋषि परंपरा के इस उपहार को न केवल भारत के अंदर बल्कि दुनिया के अंदर पहुंचाया है।

इस मौके पर राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि 2 साल के अंतराल के बाद एक बार फिर राजभवन में योगाभ्‍यास हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि ऋषि मुनि योग का अभ्‍यास करते और सिखाते थे लेकिन यह भारत तक ही सीमित था। आज सारे विश्‍व में लोग योगाभ्‍यास कर रहे हैं।

इस मौके पर राज्‍यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रति इसके लिए आभार प्रकट किया। उन्‍होंने कहा कि योग सिर्फ एक दिन नहीं होना चाहिए, हर दिन कुछ समय निकालकर इसे जरूर करना चाहिए। आज तो प्रदेश में कई ऐसे स्‍थान बन चुके हैं जहां पर जाकर योगाभ्‍यास कर सकते हैं।

राज्‍यपाल ने स्कूलों में भी योगाभ्‍यास को शामिल करने की जरूरत बताई। उन्‍होंने कहा कि हमारे बचपन में ऐसे कार्यक्रम नहीं होते लेकिन दिनचर्या और आहार ऐसा था लोग स्‍वस्‍थ रहते थे।