Chief Minister Jai Ram Thakur फिर करेंगे Hamirpur जिले का दौर

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अभी घोषणा को समय है लेकिन तीनों प्रमुख पार्टियों भाजपा, कांग्रेस व आप ने अपने अपने स्तर पर वोट बैंक बनाने के लिए राजनीतिक मेहनत शुरू कर दी है। भाजपा इस दौड़ में आगे निकलती दिख रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जिला का लगातार दौरे कर रहे हैं। उनके साथ मंत्री भी पहुंच रहे हैं इसके अलावा भाजपा ने बूथ स्तर से आम लोगों तक पहुंचने के लिए जहां अपने कार्यकर्त्ताओं को भेजना शुरू कर दिया है और मिशन रिपीट करवाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां को पहुंचाना शुरू कर दिया है वही राष्ट्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्रियों को भी प्रदेश के दौरे पर भेजने का क्रम शुरू कर दिया है।

पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बाद अब दूसरे मंत्रियों व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी भेजने की योजना तैयार की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अगले महीने एक और हिमाचल दौरा तय माना जा रहा है। इस बात को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी अपने हमीरपुर दौरे के दौरान कह चुके हैं। वही कांग्रेस पार्टी की तरफ से अभी तक केंद्र से बड़े स्तर का नेता नहीं पहुंच पाया है। प्रदेश के नेताओं की ओर से जरूर एक से दूसरे जिले में दौरे किए जा रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी से लगातार ईडी की ओर से पूछताछ करने के और अग्निपथ, अग्निवीर योजना पर केंद्र सरकार को जिला स्तर के कांग्रेस नेता धरना प्रदर्शन कर घेरने की तैयारी तो कर रहे हैं लेकिन कार्यकर्ता पार्टी के प्रचार प्रसार के लिए फील्डस्तर पर नहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। हालांकि जिले के कांग्रेस के तीन विधायक हैं और पार्टी आलाकमान ने तीनों को जिम्मेदारी सौंप रखी है। इन विधायकों में सुखविंदर सिंह सुक्ख, इंद्र दत्त लखनपाल व राजेंद्र राणा हैं। यह तीनों विधायक संगठन की बजाए अपना व्यक्तिगत प्रचार ज्यादा कर रहे हैं।

पार्टी के अन्य पदाधिकारी वह भी विशेषकर मीडिया में ब्यानवाजी करके अपनी औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से जरूर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत मान हमीरपुर का दौरा कर चुके हैं लेकिन जिले में इसलिए आप का ज्यादा प्रभाव नहीं दिख पा रहा क्योंकि यहां पार्टी का कोई बड़ा कैडर बड़ा नेता नहीं है। छोटे नेता जरूर एक आध बार केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। उनकी तादाद से ही इस बात का एहसास हुआ है की पार्टी को अभी आम लोगों को जोड़ने के लिए लंबी मशक्कत करनी होगी।