उप तहसील कार्यालय बना बिचौलियों की लूट का अड्डा, लोगों का हो रहा भारी शोषण

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उप तहसील कार्यालय प्रांगण में एक भी वसीकानवीस ना होने के कारण लोगों को भारी आथिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसके चलते यहां उप तहसील प्रांगण में बैठे तथा कथिक लोग संगठन का होवा दिखाकर लोगों की जेबें काटने का काम कर रहे है। यहां जब भी उप तहसील प्रांगण में किसान व अन्य लोग अपने काम के लिए आते है तो ये तथाकथित संगठन के लोग अपने तालिबानी फरमान के अनुसार छोटे- छोटे कायो के लिए भी कागजात तैयार करने के नाम पर इनका शोषण करते हुए 2100 रुपए से लेकर 20- 30 हजार रुपए से अधिक तक की मोटी रकम वसूलते है। जबकि इन दस्तावेजों के लिखवाने की सरकारी फीस नाममात्र ही है।

ये लोग जनता के कार्य का मोटा ठेका तक उठा लेते है। जिसपर दूर दराज से आने वाले लोग जल्दी में परेशानी ना हो इसलिए इनके चक्कर में आकर मजबूरी वंश मोटी रकम देने को मजबूर हो जाते है, ताकि उनके कार्य का निपटान शीघ्र ही हो जाए। इन संगठन कपता बिचोलियों के चलते पूरी उप तहसील कार्यालय के कर्मचारी व अन्य लोगों पर भी भ्रष्टाचार का ठप्पा लग चुका है। इन लोगों के तालिबानी फरमान के चलते अधिकारी व लोग भी मजबूरी वंश चुप होकर भी यह सब कुछ सहन कर रहे है। इस बारे में किसान सभा के जिला सह सचिव कामरेड़ विष्णुदत्त शमा ने उपायुक्त महोदय से इन पर अंकूश लगाने व दस्तावेजों के निधाज़्रित फीस सावजनिक करने व शीघ्र ही अस्थाई या सरकार की ओर से वसीका नवीस नियुक्त करने की मांग की है, ताकि लोगों का आथिक रूप से शोषण ना हो सके।