पंजाब बजट-2022: किसानों को मुफ्त बिजली, मूंग की खेती पर MSP, देखिए मान सरकार ने कृषि बजट में क्या रखा खास

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चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के सेशन का आज तीसरा दिन है। आज मान सरकार पहला पेपरलेस बजट पेश कर रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कृषि क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा कईं बड़े ऐलान किए हैं। देखिए मान सरकार ने कृषि व किसानों के लिए इस बार बजट में क्या-क्या रखा है…

कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने 11,560 करोड़ रुपए का आंवटन किया है। धान की सीधी बुवाई (डीएसमार) के लिए वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने 450 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव रखा।

मूंग की खेती पर एमएसपी

मूंग की खेती पर एमएसपी हेतु वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) अपनी मूल्य समर्थन प्रणाली के तहत पंजाब से मूंग की आंशिक खरीद के लिए सहमत हो गया है।
65 दिनों की यह फसल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, विविधीकरण को बढ़ावा देगी और पानी और मिट्टी का संरक्षण करेगी

पराली जलाने पर रोक

पराली को जलाने से रोकने के लिए सरकार ने कदम उठाते हुए इसके विभिन्न संभावनाओं और समाधानों का पता लगाने के लिए इस बजट में 200 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव रखा है।

किसानों को मुफ्त बिजली

किसानों को मुफ्त बिजली देने पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि आप सरकार अपने किसानों के साथ खड़ी रहने और कृषि क्षेत्र के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लेती है। इस वित्त वर्ष 2022-23 में 6,947 करोड़ रुपए के बजटीय आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।

इंडिविजुअल क्विक फ्रीजिंग (आई.क्यू.एफ) तकनीक

इंडिविजुअल क्विक फ्रीजिंग (आई.क्यू.एफ) तकनीक मौसमी फलों और सब्जियों को संरक्षित करने के लिए सरकार आदर्श है। ग्राम वेरका, अमृतसर में एक नया क्विक फ्रीजिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष 2022-23 में 7 करोड़ रुपए के प्रारंभिक परिव्यय का प्रस्ताव है। इसके अलावा माल्सियां, जालंधर में एक एकीकृत हाई लिए 11 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।

अपवाह जल के संरक्षण

अपवाह जल के संरक्षण और उत्पादक उपयोग, तालाब के पानी, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के संवर्धन के लिए, 4 नई योजनाएं शुरू की गई हैं। वित्तीय वर्ष में इन नई योजनाओं के तहत 21 करोड़ रुपए के प्रारंभिक आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।

कृषि का डिजिटलीकरण

सरकार ने कृषि क्षेत्र में व्यापक डिजिटलीकरण शुरू किया है। इसमें किसान प्रोफाइल का डिजिटलीकरण, उनके भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और उनकी उपज के लिए रिटर्न का ऑनलाइन हस्तांतरण शामिल है। यह कृषि पद्धति में आधुनिक तकनीकी प्रगति का लाभ उठाने में किसानों की सहायता करेगा।

सहकारिता क्षेत्र को प्रोत्साहन देते हुए 1,170 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है। जो पिछले वित्तीय वर्ष से 35.67% की वृद्धि है। वहीं सहकारिता क्षेत्र के लिए सरकार ने अपने बजट में यह ऐलान किए हैं।

– कबर क्षमता को बढ़ाने के लिए, सेंट्रल पूल गेहूँ स्टॉक के भंडारण के लिए नाबार्ड सहायता प्राप्त नई परियोजना के तहत 13 स्थानों पर मार्कफेड द्वारा नए गोदाम स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में 56 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित की जा रही है।

– इसके अलावा, परेशानी रहित मूंग की खरीद के लिए मार्कफेड का समर्थन करने के लिए, सरकार पहले ही 400 करोड़ रुपए की राज्य गारंटी दे चुकी है, जिससे मार्कफेड इस उद्देश्य के लिए ऋण जुटा सके।

– सहकारी बैंकिंग संरचनाओं के महत्व को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से जो कृषि क्षेत्र में लगे हुए हैं। सरकार ने पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक (पीएससीएडीबी) को राहत देने का फैसला किया है। नाबार्ड को ऋण का पुनर्भुगतान करने के लिए पीएससीएडीबी के लिए 688 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।

– वानिकी और वन्य जीवन 75. हमारी सरकार ने ‘शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह हरियावल लहर” नामक एक नई परियोजना शुरू की है, जिसके तहत शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की 115वीं जयंती पर राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50,000 पौधे और 115 त्रिवेणी लगाए जाएंगे।