Punjab Budget: मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को दी बड़ी सौगात, Digital Classroom, Free Uniform सहित किए बड़े ऐलान, पढ़ें Details

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चंडीगढ़: मान सरकार आज अपना पहला बजट पेश कर रही है। यह बजट 1.55 लाख करोड़ का है जो कि पिछले साल से 14 फीसदी ज्यादा है। इसमें शिक्षा क्षेत्र को लेकर कईं बड़े ऐलान किए गए हैं। फ्री यूनिफॉर्म, डिजीटल क्लासरूम सहित जानिए इस बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या-क्या चीजें हैं खास…

– पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा के लिए स्कूलों और उच्च शिक्षा के लिए 16.27% का बजट प्रावधान किया गया है।
– इसके अलावा, तकनीकी शिक्षा के लिए 47.84% और चिकित्सा शिक्षा में 56.60% की भारी वृद्धि की गई है।
– पंजाब में स्कूलों के रखरखाव के लिए एस्टेट मैनेजर रखे जाएंगे।
– सरकारी स्कूलों के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता, साफ-सफाई, पीने का पानी, स्वच्छ शौचालय, सफेदी, पंखे की मरम्मत, रोशनी की व्यवस्था, सामान्य साफ-सफाई और छोटी-छोटी मरम्मत के लिए 123 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
– भारत और विदेशों में प्रतिष्ठित एजेंसियों, संस्थानों द्वारा अल्पकालिक और मध्यम अवधि के प्रशिक्षण के लिए 30 करोड़ रुपये आंविटत किए गए
– स्कूलज़ ऑफ एमिनेंस के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किए गए हैं। इनमें छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाएगी ताकि उन्हें इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। सरकार ने 100 मौजूदा स्कूलों की पहचान की है जिन्हें “स्कूल ऑफ एमिनेंस” में अपग्रेड करने का प्रस्ताव है। ये स्कूल प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के संयुक्त स्कूल होंगे और इनमें डिजिटल क्लासरूम, पूरी तरह से सुसज्जित लैब, व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रशिक्षित फैकल्टी जैसे उत्तम बुनियादी ढांचे होंगे।
– सरकारी स्कूलों में आधुनिक डिजिटल क्लासरूम की स्थापना की जाएगी। इसके लिए सरकार पहले चरण में 500 सरकारी स्कूलों में आधुनिक डिजिटल क्लासरूम स्थापित करने का प्रस्ताव रख रही है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
– सरकारी स्कूलों में रूफ टॉप सोलर पैनल सिस्टम की स्थापना के लिए व्यापक योजना लाने और इस उद्देश्य के लिए 100 करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव रखा गया है।
– सरकारी स्कूलों में चारदीवारी सहित बुनियादी ढांचे का उन्नयन और स्कूल विशेष रूप से छात्राओं के लिए सुरक्षित और महफूज़ स्थानों के लिए इस बजट में 424 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
– पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों और सरकारी स्कूलों के सभी छात्रों को वर्दी प्रदान करने का निर्णय लिया है और इस उद्देश्य के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 23 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
– मिड डे मील के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में 17 लाख छात्रों को मिड डे मील भोजन उपलब्ध कराने के लिए 473 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है, जो कि वित्त वर्ष 2021-22 (बजट अनुमान) से 35% अधिक है।
– ओबीसी छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत एक लाख ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 67 करोड़ रुपए आरक्षित रखने का प्रस्ताव रखा गया है।
– पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के लिए 200 करोड़
– अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए वित्तीय वर्ष 202223 के दौरान 2.40 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 79 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
– नौ नए पुस्तकालयों में बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। तरनतारन, बरनाला, लुधियाना, फाजिल्का, मलेरकोटला, मोगा, पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब और शहीद भगत सिंह नगर के 9 जिलों के सरकारी कॉलेजों के पुस्तकालयों में बुनियादी सुविधाओं की सुविधा प्रदान करने के लिए 30 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।
– सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के विशेष रूप से सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए 30 करोड़ रुपए के आवंटन किया गया है।
– राज्य के शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में नए अत्याधुनिक डिग्री कॉलेजों के निर्माण के लिए चालू वित्तीय वर्ष में शुरू में 95 करोड़ रुपए का आरंभिक आवंटन प्रस्तावित है।
– तकनीकी शिक्षा के लिए और छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और रोजगार योग्य लोगों का शीर्ष स्रोत राज्य बनाने के उद्देश्य से मौजूदा प्रणालियों के सुदृढीकरण, आधुनिकीकरण और विस्तार पर मुख्य ध्यान देने के साथ तकनीकी शिक्षा के लिए 641 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
– नवोदित और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए दो नई योजनाओं का प्रस्ताव करना करते हुए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
– सरकार ने लौंगोवाल, सुनाम (जिला संगरूर) में एक अति-आधुनिक स्टेडियम स्थापित करने का प्रस्ताव किया है और इसके लिए वर्ष के दौरान पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
– राज्य में सर्वोत्तम मेडिकल शिक्षा इको-प्रणाली प्रदान करने का वादा करें। इस उद्देश्य के साथ सरकार ने संपूर्ण पंजाब को कवर करते हुए 5 साल की अवधि में 16 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है जिस से राज्य में कालेजों की संख्या कुल
मिला कर 25 हो जाएगी।
– इस वर्ष में मेडिकल शिक्षा के लिए 1033 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है जो कि वित्तीय वर्ष 2021-22 (आरई) की तुलना में 56.60% की वृद्धि है।