Punjab Budget 2022: लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी को बनाया जाएगा स्मार्ट सिटी, जानिए मान सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायत बजट में क्या है खास

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चंडीगढ़ः पंजाब विधानसभा के सेशन का आज तीसरा दिन है। आज मान सरकार पहला पेपरलेस बजट पेश कर रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कृषि क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा कईं बड़े ऐलान किए हैं। देखिए मान सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत के लिए क्या बड़े एलान किए है।

ग्रामीण विकास और पंचायत

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब की 63% आबादी अभी भी गांवों में रहती है, इसलिए समग्र रूप से गांव का विकास सुनिश्चित करना आवश्यक हो जाता है। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3,003 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित किया जा रहा है। पंचायत की जमीन को अवैध कब्जाधारियों से वापस दिलाने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान पहले से ही चल रहा है। ताज़ा रिकार्डों के अनुसार लगभग 6100 एकड़ पंचायत भूमि से अवैध कब्जाधारियों को हटा दिया गया था, जिसकी कीमत कई हज़ार करोड़ रुपए क. वित्तीय वर्ष 2022-23 में 361 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 2217.35 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए एक विशेष मरम्मत कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस के साथ ही, चल रही परियोजनाओं के तहत, शेष 4800.66 किलोमीटर सड़क पर नए निर्माण/चौड़ाकरण/विशेष मरम्मत के कार्यों को 757 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय के साथ पूरा करने का प्रस्ताव है। ख. मनरेगा के तहत वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 600 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित है। ग. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (एसपीएमआरएम) के तहत, हमारे ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक, आर्थिक और भौतिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए विकास के लिए 246 गांवों को कवर करने वाले 7 जिलों में 8 समूहों का चयन किया गया था।

जल संसाधन

जल संसाधन को लेकर हरपाल चीमा ने कहा कि मैं वित्तीय वर्ष 2022-23 में विभिन्न जल संसाधन परियोजनाओं को शुरू करने के लिए 2,547 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव रखता हूं। शाहपुर कंडी बांध परियोजना की शरुआत होगी जो रावी नदी पर मुख्य बांध के शेष कार्य के निर्माण के लिए की जाएगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 189 करोड़ रुपए का बजट परिव्यय प्रदान किया जा रहा है और इसके वर्ष 2023-24 तक पूरा होने की उम्मीद है।

जल आपूर्ति और स्वच्छता

हरपाल चीमा ने कहा कि राज्य सरकार राज्य के सभी घरों में पाइप वितरण नेटवर्क और स्वच्छता सुविधाओं के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वित्तीय वर्ष में 2374 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित है जो कि वर्ष 2021-22 (आरई) की तुलना में 48.94% की वृद्धि है। कुल मिलाकर 12009 गांवों में से 98% गांवों को 100% कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफ.एच.टी.सी) कवरेज के साथ हर घर जल’ गांव घोषित किया गया है।

मार्सेनिक-सह-लौह निष्कासन संयंत्र के लिए 400 करोड़ रुपए की लागत से आईआईटी मद्रास द्वारा 72 आर्सेनिक प्रभावित बस्तियों में नैनो सामग्री का उपयोग करके सोखने की तकनीक पर आधारित 51 आर्सेनिक-सह-लौह निष्कासन संयंत्रों को वित्त वर्ष 2022-23 में शुरू किया जाएगा तथा इस योजना के अंतर्गत आने वाली शेष 62 बस्तियों में कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा।

सामुदायिक जल शोधन संयंत्रः सामुदायिक जल शोधन संयंत्रों और आर्सेनिक प्रभावित बस्तियों में विकेन्द्रीकृत घरेलू शोधक के माध्यम से पीने योग्य पेयजल उपलब्ध कराने और राज्य के फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों में फ्लोराइड हटाने की स्थापना के लिए गतिविधियों हेतु 51 करोड़ रुपए का परिव्यय प्रस्तावित किया जा रहा है।

नए बस स्टैंड का होगा निर्माण

हरपाल चीमा ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 45 नए बस स्टैंडों का निर्माण और पनबस और पीआरटीसी के 61 बस स्टैंडों का नवीनीकरण शुरू किया जाएगा।

स्मार्ट सिटीज़ मिशन

लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पवित्र शहर सुल्तानपुर लोधी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है और इस वर्ष 1,131 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित किया जा रहा है। कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत): अमृत मिशन के तहत पंजाब के 16 शहरों के लिए 2,785 करोड़ रुपए की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। जालंधर और पटियाला के लिए 24×7 सतही जल आपूर्ति योजनाओं सहित प्रमुख परियोजनाओं को शुरू करने के लिए इस वर्ष 1,100 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित किया जा रहा है।

25,000 ईडब्ल्यूएस घरों का किया जा रहा है निर्माण

हरपाल चीमा ने कहा कि नियोजित शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए, यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 79 शहरों को कवर करते हुए 44 मास्टर प्लान अधिसूचित किए गए हैं और आगे 70 मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। यह सरकार शहरी परिवहन को प्राथमिकता वाला क्षेत्र बनाते हुए शहरी गतिशीलता योजनाओं पर काम करेगी। हमारी सरकार का मानना है कि मूल नागरिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच पंजाब का अधिकार है, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। इसलिए, हमारे शहरों में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, हम चरणों में 25,000 ईडब्ल्यूएस घरों का निर्माण करने का संकल्प लेते हैं।

हितधारकों की आसानी के लिए इस क्षेत्र में ई-गवर्नेस पजा रही हैं पहल
ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम, संपत्तियों की जी.आई.एस मैपिंग, संपत्ति रिकॉर्ड की स्कैनिंग जैसी आई.टी. पहलकदमियां चल रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी।