CBI से क्यों नहीं करवाई जा रही Paper Leak मामले की जांच : Mukesh Agnihotri

Spread the News

ऊना : नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस भर्ती घोटाले व पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश सरकार बताए कि जब कांग्रेस द्वारा इस मामले में युवा हित में प्रदेश हित में न्यायिक व सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी, उसमें प्रदेश सरकार ने दवाब के तहत सीबीआई की जांच करवाने का ऐलान किया था, लेकिन आज भी इतना वक्त गुजर जाने के बाद प्रदेश में इस मामले की जांच सीबीआई करने के लिए नहीं आई। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर क्यों सीबीआई की जांच नहीं हो पा रही है? सरकार किसको बचाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि सरकार को दस्तावेज जनता के सामने रखने चाहिए जिसमें सीबीआई की जांच के लिए आग्रह किया गया है और यह बताना चाहिए कि सीबीआई का क्या जवाब आया? क्यों सीबीआई इस पेपर लीक मामले की जांच करने नहीं आ रही है? क्या कारण है कि दूध की रखवाली बिल्ली कर रही है? उन्होंने कहा कि पुलिस की एसआईटी ही इस जांच को आगे बढ़ा रही। उन्होंने कहा कि सवाल यह नहीं है कि इसमें 171 लोग गिरफ्तार किए गए हैं? क्या कार्रवाई अब तक हुई है? सवाल यह है कि बड़े लोग जो इसमें शामिल हैं वह क्यों बच गए? क्या यह मामला सिर्फ प्रेस के कर्मचारियों तक ही सीमित है,क्या पुलिस के अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इसकी परते खुलनी चाहिए। मुकेश ने कहा कि नौजवानों के साथ धोखाधड़ी का मामला है, लाखों नौजवानों के साथ अन्याय अत्याचार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही 2020 में पुलिस भर्ती हुई है, उसमें भी इस प्रकार की शंकाएं हुई है, अनेक और भर्तियां हुई हैं जिनमें इस प्रकार का मामला सामने आया है, कुछ मामले कोर्ट में गए हैं। उन्होंने कहा कि नौजवानों के साथ नौकरी देने में लगातार घोटाले पर घोटाला करना भाजपा सरकार की आदत बन गई है और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पेपर लीक वाला मुख्यमंत्री जाना जाएगा।