अडानी पावर के नाम विपक्ष कर रहा गुमराह : Ranjit Singh

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हरियाणा के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने कहा है कि अडानी पावर लिमिटेड के नाम पर विपक्ष प्रदेश को गुमराह कर रहा है। अडानी पावर के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के समय जब रणदीप सिंह सुरजेवाला बिजली मंत्री थे तो उस समय 1424 मेगावाट के लिए बिजली खरीद समझौता हुआ था, जिसमें 70 प्रतिशत घरेलू कोयला व 30 प्रतिशत आयातित कोयला का उपयोग किया जाना था जिसे अब 83 प्रतिशत घरेलू तथा 17 प्रतिशत आयातित कोयला किया गया है। अडानी से 1200 मेगावाट बिजली ले रहे हैं।

बिजली मंत्री आज यहां अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अडानी पावर लिमिटेड से 2.94 रु पये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। दूसरी थर्मलों से 3.40 रु पये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि पूरा कोयला कोल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई, जून व जुलाई में बिजली की अधिक मांग रहती है और पीक समय के दौरान भी दो-तीन दिनों को छोड़कर कहीं भी कट नहीं लगा।

गुरुग्राम, फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भी कोई कट नहीं लगा। मानसून के दौरान बिजली की खपत कम हो जाती है। केरल, तमिलनाडु, उड़ीसा व पश्चिम बंगाल से हम बिजली खरीदते हैं और आवश्यकता होती है तो स्वतंत्र बिजली निर्माताओं से बाजार से बिजली खरीदते हैं। लेकिन उपभोक्ताओं को बिजली की किल्लत नहीं रहने दी जाएगी। कल यानि 28 जून,2022 को 26.40 करोड़ यूनिट बिजली आपूर्ति की गई थी। प्रदेश के अपने संसाधनों से लगभग 9500 मेगावाट बिजली की उपलब्धता है जबकि मांग 12768 मेगावाट तक पहुंची है।